बीएन कॉलेज में शिक्षक संघ की शनिवार को बैठक हुई. इसमें शिक्षकों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विचार किया गया. साथ टीएमबीयू के दस नये कॉलेजों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को लेकर करीब एक दो घंटे तक मंथन किया गया. प्रखंड के नये डिग्री कॉलेज में शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति को लेकर विरोध दर्ज कराया. सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय का एक मात्र नैक मूल्यांकित बीएन कॉलेज है. यहां से शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति अन्य संस्थानों में करने से नैक मानदंड पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. संघ ने बिहार सरकार से प्रस्तावित शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की है. राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रतिनियुक्ति से शिक्षक छात्र के अनुपात में पूर्व से ही शिक्षकों की कमी है.
संघ के सदस्यों ने कहा कि एनईपी के अंतर्गत लागू सीबीसीएस पद्धति में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की पठन-पाठन और उनके अकादमिक पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. कॉलेज के कई शिक्षक या तो पीएचडी में निबंधित हैं या उनके अंदर शोध प्रबंध शोधरत हैं. प्रस्तावित प्रतिनियुक्ति गुणवत्तापूर्ण शोध के विपरीत है. इस दौरान नये शिक्षकों का स्वागत किया गया.उधर, जदयू शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता डॉ आनंद कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा नये डिग्री कॉलेज में पठन-पाठन जुलाई से शुरू होने वाला है. सरकार के आदेशानुसार विवि में नियमित रूप से कार्यरत शिक्षकों का प्रतिनियुक्ति हाेना है. सरकार के पत्र में अतिथि शिक्षकों बहाली का कोई आदेश नहीं है और न उन्हें वहां भेजने का कोई आदेश हुआ है. साथ ही कहा कि पूर्व कुलपति के कार्यकाल में जो शिक्षकों का तबादला मुख्यालयों के कॉलेजों में किया गया है. ऐसे शिक्षकों को ही प्रखंड के डिग्री कॉलेज में भेजा जाये.
