स्कूलों में विज्ञान और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा, 10 सितंबर को विज्ञान गोष्ठी : इंस्पायर अवार्ड के आवेदन 15 तक

स्कूलों में विज्ञान, नवाचार और प्रोजेक्ट आधारित पढ़ाई को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है. इंस्पायर अवार्ड के लिए आवेदन 15 सितंबर तक और विज्ञान गोष्ठी 10 सितंबर को आयोजित होगी.

सुलतानगंज : सुलतानगंज बीआरसी परिसर में माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की बैठक बीईओ तनु कुमारी की अध्यक्षता में हुई. बैठक में विज्ञान गोष्ठी-2026, इंस्पायर अवार्ड मानक, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, प्रशस्त एप-2.0 और ‘एक पेड़ मां के नाम-3.0’ की समीक्षा की गयी. बीईओ ने सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया.

10 सितंबर को होगी विज्ञान गोष्ठी

विज्ञान गोष्ठी के तहत कक्षा आठवीं से दसवीं तक संचालित प्रत्येक विद्यालय से विभागीय मापदंड के अनुसार एक सर्वश्रेष्ठ छात्र का चयन किया जाएगा. ‘भारतीय ऊर्जा परिषद-2047 : संभावनाएं एवं चुनौतियां’ विषय पर प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिता 10 सितंबर को आयोजित होगी. इसके लिए सभी विद्यालयों से चयनित छात्रों की सूची भेजने को कहा गया है.

15 सितंबर तक इंस्पायर अवार्ड के आवेदन

इंस्पायर अवार्ड मानक के तहत कक्षा छह से दसवीं के पांच विद्यार्थियों के एक-एक नवाचार का चयन विज्ञान शिक्षकों के सहयोग से किया जाएगा. चयनित नवाचारों का 15 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट पर अपलोड कराने का निर्देश दिया गया है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना है.

‘एक पेड़ मां के नाम’ में शत-प्रतिशत लक्ष्य का निर्देश

इको क्लब फॉर मिशन लाइफ के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम-3.0’ अभियान में बच्चों से पौधरोपण कराने को कहा गया. पौधों की संख्या और फोटो पोर्टल पर दर्ज कर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया.

प्रोजेक्ट आधारित पढ़ाई पर जोर

प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के प्रोजेक्ट-4.4 का लक्ष्य पांच सितंबर तक पूरा कराने को कहा गया. कक्षा छह से आठवीं तक के विज्ञान शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. नोडल शिक्षक कौशल किशोर झा ने छात्र-केंद्रित परियोजना कार्य को लेकर जानकारी दी.

प्रशस्त एप में सिर्फ 49% रजिस्ट्रेशन

प्रशस्त एप-2.0 के लिए सभी शिक्षकों का एप इंस्टॉल करना और रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया है. शिक्षक युवराज ने बताया कि अब तक सिर्फ 49 प्रतिशत शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है.

इस एप के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, स्क्रीनिंग, डेटा एंट्री और रिपोर्टिंग की जा सकती है. बैठक में बताया गया कि 23 सितंबर को दिव्यांगता प्रमाणपत्र के लिए मेडिकल कैंप लगाया जाएगा. इसमें फाइलेरिया पीड़ित बच्चों के प्रमाणपत्र भी बनाये जाएंगे.

बैठक में बीआरसी लेखापाल पवन कुमार, डेटा एंट्री ऑपरेटर विशाल कुमार, मो. अखलाक समेत हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापक मौजूद रहे.

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By Shubhanka Kumar

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