Bhagalpur-मुंगेर मरीन ड्राइव के अलाइनमेंट में बदलाव की तैयारी, घनी आबादी से हटकर बनेगा

मरीन ड्राइव के अलाइमेंट में बदलाव की तैयारी.

-बीएसआरडीसी दोबारा भेजेगा भू-अर्जन के लिए प्रस्ताव

भागलपुर-मुंगेर के लिए प्रस्तावित मरीन ड्राइव निर्माण को लेकर बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएसआरडीसी) ने अलाइनमेंट में बदलाव की तैयारी शुरू कर दिया है. जमीन अधिग्रहण से संबंधित प्रस्ताव पहले जिला भू-अर्जन कार्यालय को भेजा गया था, जिसे तकनीकी कारणों से वापस कर दिया गया था.जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार के अनुसार फिलहाल बीएसआरडीसी की ओर से दोबारा प्रस्ताव नहीं आया है. प्रस्ताव के साथ नक्शा उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे वापस किया गया था. वर्तमान में बीएसआरडीसी नक्शे की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर काम कर रही है. प्रस्ताव दोबारा भेजने में देरी का मुख्य कारण अलाइनमेंट में प्रस्तावित बदलाव है. बीएसआरडीसी ऐसी योजना बना रहा है कि मरीन ड्राइव का मार्ग घनी आबादी वाले इलाकों और अधिक घरों वाले हिस्सों से हटाकर तय किया जाये. इसका उद्देश्य यह है कि जमीन अधिग्रहण के दायरे में आने वाले मकानों की संख्या कम से कम रहे.

एजेंसी का चयन हो चुका

परियोजना के लिए निर्माण एजेंसी का चयन पहले ही किया जा चुका है. अब अलाइनमेंट और जमीन अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है.

सूर्यगढ़ा से सबौर के बीच 107.70 किमी लंबा बनेगा फोरलेन मरीन ड्राइव

सूर्यगढ़ा (मुंगेर) से सबौर के बीच 107.70 किमी लंबा फोरलेन मरीन ड्राइव बनेगा और यह एलिवेटेड हाइवे होगा. एलिवेटेड का मतलब जमीन से ऊपर उठा हुआ या ऊंचा है. इसके कई फायदे होते हैं. यातायात में सुधार होगा. इससे जाम की समस्या कम होगी. सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बेहतर होगा. वहीं, एलिवेटेड सड़कें शहर की बुनियादी ढांचे को आधुनिक और व्यवस्थित दिखेगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Kali kinker mishra

काली किंकर मिश्रा प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से अधिक समय से व डिजिटल माध्यम में पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. अमर उजाला, दैनिक जागरण के बाद फिलहाल प्रभात खबर भागलपुर कार्यालय में कार्यरत हैं. दिल्ली, पंजाब, झारखंड में पत्रकारिता कर चुके हैं.

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