भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट,
संवाददाता, भागलपुर – हाइलेवल घाट से बरारी गंगा घाट के लिए खुली नाव का इंजन फेल हो जाने के बाद शनिवार को बीच नदी में फंस गयी. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम द्वारा की गयी कार्रवाई में दूसरे नाव से खींच कर खराब नाव को बरारी घाट लाया गया. इस दौरान करीब तीन घंटे तक नाव गंगा नदी में फंसी रही. नाव पर 50 से 100 के बीच यात्री सवार थे. यात्रियों ने जानकारी देते हुए बताया कि हाईलेवल गंगा घाट से नाव खुलने के समय अब कुछ ठीक ठाक था. बीच गंगा नदी में नाव का इंजन एकाएक बंद हो गया. चालक दल ने देखा तो इंजन फेल हो चुका था. पहले चालक दल के सदस्यों ने इंजन को ठीक करने का प्रयास किया. जब यात्रियों का धैर्य जबाव देने लगा तो चालक दल के सदस्यों ने एसडीआरएफ की टीम को सूचना दी. सूचना के लगभग 15 मिनट के अंदर एसडीआरएफ की टीम इंस्पेक्टर नीलू के नेतृत्व में पहुंच गयी थी. टीम के सदस्यों ने देखा कि बरारी घाट की दूरी ज्यादा रहने के कारण नाव की एसडीआरएफ के बोट से धक्का दे कर बरारी तक पहुंचना संभव नहीं है. फिर टीम द्वारा मौके पर एक दूसरी नाव को बरारी से बुलाया गया फिर उस नाव में टोचन कर खराब इंजन वाले नाव को बरारी घाट पहुंचाया गया. घाट पहुंचने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली.रोजाना खराब हो रही हैं नाव
मालूम हो कि शुक्रवार को भी बरारी गंगा घाट से महादेवपुर घाट के लिए खुली नाव का इंजन बरारी घाट के पास ही फेल हो गया था. उक्त नाव को एसडीआरएफ ने दो बोट की सहायता से धक्का दे कर महादेवपुर घाट पहुंचाया था. विक्रमशिला सेतु ध्वस्त होने के बाद लगभग रोजाना गंगा नदी में नावें फंस रही है. नाव फांसने का एकमात्र कारण इंजन फेल होना बताया जाता है. मालूम हो कि सेतु क्षतिग्रस्त होने के पहले ही दिन बरारी गंगा घाट से खुली नाव बीच गंगा में फंस गई थी. करीब छह घंटे तक 100 से अधिक यात्री गंगा में फंसे रहे थे. चार बजे खुली नाव लगभग दस बजे रात्रि में महादेवपुर गंगा घाट पहुंची थी. नावों की स्थिति जांचे बिना उन्हें परिचालन का लाइसेंस दे दिया जाना, एक बड़ा सवाल है. अगर ऐसी स्थिति की सम्यक निगरानी या जांच नहीं की गयी तो आने वाले दिनों में किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता हैसूचना के बाद 15 मिनट में एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गयी थी. दूसरी नाव की सहायता से सभी यात्रियों को सुरक्षित बरारी घाट लाया गया है.
कुमार नीलू, इंस्पेक्टर, एसडीआरएफ, भागलपुर