अब आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे जीविका दीदियों द्वारा सिले हुए ड्रेस पहनेंगे. इस उद्देश्य से अकबरनगर-सुलतानगंज क्षेत्र में करीब 80 जीविका दीदियों को सिलाई का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. शनिवार को आजीविका विशेषज्ञ डॉ अंजनी कुमार एवं बीपीएम अनिल कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया. बताया कि दो दिनों के भीतर सिलाई कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिसके लिए दो स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है.
स्थानीय स्तर पर बनेगा बच्चों का ड्रेस
आजीविका विशेषज्ञ ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त जीविका दीदियां अब आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए ड्रेस तैयार करेंगी. कपड़ा काट कर उपलब्ध कराया जायेगा. केवल सिलाई करना होगा. इससे जहां एक ओर महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर बच्चों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण ड्रेस उपलब्ध हो सकेगा. निरीक्षण के दौरान सिलाई कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने, गुणवत्ता बनाए रखने एवं समयबद्ध तरीके से ड्रेस तैयार करने को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए.महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत अब आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे जीविका दीदियों द्वारा सिले गए ड्रेस पहनेंगे. इस पहल ने न सिर्फ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर खोले हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का नया रास्ता भी दिखाया है.
