अकबरनगर घोरघट से मिर्जाचौकी तक एनएच-80 चौड़ीकरण कार्य में अकबरनगर बाजार के 200 मीटर में पेंच फंस गया है. अकबरनगर के 16 दुकानदारों ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर निर्माण कार्य पर रोक लगवा दिया है. दुकानदार एनएच-80 की जमीन को निजी होने का दावा किया है. हकीकत में सड़क की जमीन सरकारी है. रोक लगने के बाद सड़क निर्माण के लिए खोदे गये गड्ढे को निर्माण कंपनी ने क्रंकीट देकर भर दिया. 22 जुलाई से श्रावणी मेला शुरू हो रहा है. अकबरनगर में 200 मीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से कांवरिया वाहनों को सुलतानगंज पहुंचने में परेशानी होगी. एनएच-80 सड़क की जमीन को दुकानदारों ने पहले से कब्जा कर घर बना लिया है. पूर्व मुखिया के बहकावे में आकर दुकानदारों ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न किया है. निर्माण कंपनी व एनएच के अधिकारी ने बताया कि 1970 के नक्शा के मुताबिक सड़क की जमीन की मापी कराने के बाद निर्माण कार्य का प्राक्कलन तैयार किया गया है. 200 मीटर में निर्माण कार्य नहीं होने से जाम व जलजमाव की समस्या होगी. डीएम ने समीक्षा कर 30 जून तक एनएच-80 का निर्माण कार्य अकबरनगर से सुलतानगंज के बीच पूरा करने का निर्देश दिया है. गड्ढा खुदाई के दौरान निर्माण कार्य नहीं रोका निर्माण कंपनी ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य एक तरफ से पूरा किया जा रहा था. अकबरनगर बाजार में जब सड़क निर्माण के लिए गड्ढे की खुदाई की जा रही थी, तो किसी ने विरोध नहीं किया. जब पीसीसी की ढ़लाई करने की तैयारी की गयी, तो दुकानदारों में काम रोक दिया. स्थानीय प्रशासन, सीओ ने जमीन की मापी कर सड़क निर्माण करने का निर्देश दिया है.स्थानीय लोग जान बूझकर निर्माण कार्य बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं. अकबरनगर हटिया की जमीन पर अतिक्रमण अकबरनगर में वर्षों से हटिया लगता रहा है. स्थानीय दुकानदार धीरे-धीरे हाट की जमीन का अतिक्रमण कर पक्का मकान बना लिया है, जिससे हटिया के दुकानदारों को जगह की कमी होने लगी है. सीओ ने बताया कि जल्द ही हटिया की जमीन की मापी करायी जायेगी. हटिया की जमीन से अतिक्रमण खाली कराया जायेगा. कहते हैं अधिकारी अकबरनगर बाजार में एनएच-80 की जमीन की मापी कर सड़क निर्माण कंपनी को सड़क निर्माण के लिए चिह्नित कर दिया गया था. दुकानदारों को स्थानीय मुखिया ने दिग्भ्रमित कर हाइकोर्ट में मामला लेकर गया है. सड़क की जमीन है, सारा साक्ष्य मौजूद है. हर हाल में कोर्ट का फैसला निर्माण के पक्ष में आयेगा. अतिक्रमण हटाने के लिए पहले नोटिस भेज अतिक्रमण हटाया जायेगा. सीओ, सुलतानगंज
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