अखिल भारतीय धोबी महासंघ की ओर से सोमवार को तातारपुर-लालकोठी समीप जैन धर्मशाला परिसर में संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती पर समारोह हुआ. इसमें गण्यमान्य व आमलोगों ने सामाजिक न्याय का संकल्प लिया. आयोजन का संयोजक डॉ संजय रजक ने कहा कि संत गाडगे बाबा की प्रेरणा से समाज के वंचित वर्ग तक शिक्षा, सम्मान व रोजगार का अवसर पहुंचाने की जरूरत है. इसे लेकर समाज की एकजुटता जरूरी है. कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों तथा युवाओं ने सहभागिता निभायी. इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सागर रजक ने किया. उन्होंने कहा गाडगे बाबा ने हमें सिखाया कि समाज सेवा ही सर्वोच्च धर्म है. कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त डीएसपी विष्णु रजक ने की. उन्होंने कहा कि गाडगे बाबा के आंदोलन का मकसद सामाजिक बदलाव लाना था. मुख्य वक्ता बिहार फुले आंबेडकर युवा मंच के संरक्षक प्रो विक्षलण बौद्ध ने कहा कि गाडगे बाबा का झाड़ू सामाजिक न्याय का प्रतीक था. सफाई केवल सड़क की नहीं, बल्कि सोच की भी होनी चाहिए. सम्मानित अतिथि पूर्व अपर सचिव जेड हसन ने कहा कि गाडगे बाबा ने श्रम की प्रतिष्ठा स्थापित की. इस मौके पर ई अखिलेश्वर पासवान, ई डीपी मोदी, सियाराम रजक, प्रदीप रजक, सुबोध रजक, अनोज रजक, फुलेश्वर रजक, रंजीत रजक (प्रधानाध्यापक), भूपेन्द्र रजक, अंकित कुमार रजक, वीरेंद्र गौतम, दिलीप रजक, महेश रजक, गुणसागर रजक, अनिल रजक, डॉ किशोर चौधरी, सोनू कुमार, बालेश्वर रजक, राजकुमार रजक, मंटू रजक, डॉ सुधा कुमारी, उमेश बौद्ध, डॉ शिव कुमार, डॉ सतीश कुमार आदि उपस्थित थे.
bhagalpur news. गाडगे बाबा की प्रेरणा से समाज के वंचित वर्गों तक शिक्षा पहुंचाने की जरूरत
अखिल भारतीय धोबी महासंघ की ओर से सोमवार को तातारपुर-लालकोठी समीप जैन धर्मशाला परिसर में संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती पर समारोह हुआ.
