नाथनगर घोसी टोला से लेकर मदनीनगर तक लगा लंबा जाम

भागलपुर: नाथनगर में भीषण जाम से त्राहिमाम! घोसीटोला से मदनीनगर तक रेंगते रहे वाहन

भागलपुर के नाथनगर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे सिल्क कारोबार पर गहरा असर पड़ा है. घंटों लगने वाले जाम के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है और यात्रियों की ट्रेनें छूट रही हैं.

सिल्क सिटी भागलपुर के प्रमुख व्यावसायिक और बुनकर बाहुल्य क्षेत्र नाथनगर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. रविवार की सुबह घोसीटोला से लेकर मदनीनगर चौक तक करीब एक घंटे (10:00 से 11:00 बजे) तक ऐसा भयावह जाम लगा रहा कि गाड़ियां टस से मस नहीं हो पा रही थीं. सामान्य दिनों के अलावा रविवार की छुट्टी के दिन भी इस मुख्य मार्ग पर भीषण जाम लगना स्थानीय निवासियों, यात्रियों और कारोबारियों के लिए रोज की बड़ी मुसीबत बन चुका है. ट्रैफिक पुलिस की कथित निष्क्रियता के चलते इस ऐतिहासिक सिल्क क्लस्टर का 20 प्रतिशत से अधिक कारोबार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है.

ट्रैफिक पुलिस की निष्क्रियता पर उठे सवाल

रविवार को कार्यालय, स्कूल और कॉरपोरेट संस्थान बंद रहने के बावजूद मुख्य सड़क पर महाजाम की स्थिति बन गई:

  • व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त: स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नाथनगर के प्रमुख चौराहों पर सामान्य दिनों में भी ट्रैफिक पुलिस के जवान या तो नदारद रहते हैं या मूकदर्शक बने रहते हैं.
  • छुट्टी के दिन भी फजीहत: जब लोग अपने जरूरी घरेलू कार्यों या परिवार के साथ बाहर निकलते हैं, तो सुबह से ही लगने वाले इस जाम से पूरा दिन बर्बाद हो जाता है.

सिल्क कारोबार की टूटी कमर, 20% तक नुकसान का दावा

नाथनगर क्षेत्र भागलपुर के विश्वप्रसिद्ध तसर और भागलपुरी सिल्क उद्योग की रीढ़ माना जाता है, जहां हजारों बुनकर परिवार कार्यरत हैं:

  • बाहरी व्यापारियों का कतराना: बुनकर प्रतिनिधि सिकंदर आजम ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से जब बड़े कपड़ा कारोबारी और थोक खरीदार यहां आते हैं, तो घंटों जाम में फंस जाते हैं. इस अव्यवस्था और ट्रेनों के छूटने के डर से वे दोबारा भागलपुर आने से कतराने लगे हैं.
  • आर्थिक नुकसान: स्थानीय व्यवसायियों के मुताबिक, लगातार लग रहे इस जाम के कारण स्थानीय बाजार और थोक सिल्क कारोबार में 20 फीसदी से अधिक की सीधी गिरावट दर्ज की जा रही है.

छात्रों की छूट रही परीक्षाएं, यात्रियों की ट्रेनें मिस

जाम की यह विभीषिका केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों और आम मुसाफिरों पर भी भारी पड़ रही है:

  • भविष्य पर संकट: नाथनगर निवासी लकीराज ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि इसी रास्ते पर लगे भीषण जाम में फंसने के कारण उनकी महत्वपूर्ण परीक्षा छूट गई थी, जिसके चलते उन्हें दोबारा परीक्षा देने के लिए पूरा एक साल इंतजार करना पड़ा.
  • ट्रेनें छूटने का डर: रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों की गाड़ियां भी अक्सर इसी मार्ग पर फंस जाती हैं, जिससे रोजाना कई लोगों की ट्रेनें छूट रही हैं.

स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों, बुनकर संगठनों और छात्र संगठनों ने जिला प्रशासन व पुलिस अधीक्षक (यातायात) से नाथनगर-मदनीनगर मार्ग पर तत्काल अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल तैनात करने, अतिक्रमण हटाने और एकतरफा मार्ग (वन-वे) व्यवस्था लागू कर जाम से स्थायी मुक्ति दिलाने की मांग की है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दीपक कुमार राव

दीपक कुमार राव प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 वर्षों से एक्टिव हैं. प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, कला-संस्कृति व सामाजिक कार्य में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >