Bhagalpur Nagar Nigam Strike : तीन सूत्री मांगों के समर्थन में बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर भागलपुर नगर निगम के कर्मचारी गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. नगर निगम कर्मचारी महासंघ के बैनर तले शुरू हुए इस आंदोलन में निगम के विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हुए. हड़ताल के कारण प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ आम नागरिकों को मिलने वाली कई सेवाएं प्रभावित हुईं.
पहले ही दिन ठप पड़ा निगम का कामकाज
हड़ताल की शुरुआत के साथ ही नगर निगम कार्यालय के लगभग सभी विभागों का काम प्रभावित हो गया. कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में निगम परिसर में धरने पर बैठ गए, जिससे कार्यालय में आने वाले लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ा.
हड़ताल का असर नगर निगम की प्रस्तावित सामान्य बोर्ड बैठक पर भी पड़ा. कर्मचारियों के आंदोलन के कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा, जिससे कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो सकी.
पानी की आपूर्ति पर भी पड़ा असर
हड़ताल के कारण नगर निगम द्वारा संचालित बोरिंगों से पानी की आपूर्ति बाधित रही. इससे कई इलाकों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि बरारी वाटर वर्क्स से सुबह की जलापूर्ति पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की गई, जिससे कुछ क्षेत्रों में राहत रही.
नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों ने जल्द समाधान की उम्मीद जताई है.
सफाई व्यवस्था भी हुई प्रभावित
नगर निगम के स्थायी सफाई कर्मियों ने भी हड़ताल में भाग लिया, जिसके कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई. हालांकि कई वार्डों में कार्यरत अस्थायी सफाई कर्मियों ने नियमित रूप से सफाई कार्य जारी रखा, जिससे पूरी तरह व्यवस्था नहीं ठप हुई.
इसके बावजूद कई स्थानों पर कचरा उठाव और नियमित सफाई कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है.
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
नगर निगम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विकास कुमार हरि ने कहा कि कर्मचारियों की तीन सूत्री मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी. कर्मचारियों ने आंदोलन को और तेज करने की भी चेतावनी दी है.
शहरवासियों की बढ़ सकती है परेशानी
यदि हड़ताल लंबी चली तो जलापूर्ति, सफाई, कर संग्रह, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, भवन संबंधी कार्य और अन्य नागरिक सेवाएं भी व्यापक रूप से प्रभावित हो सकती हैं. ऐसे में शहरवासियों की नजर अब प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हुई है.
