Bhagalpur news सुलतानगंज में बनेगा बहुमंजिला भवन

नमामि गंगे घाट के समीप रेलवे की जमीन का निरीक्षण कर सर्वे का कार्य प्रारंभ किया गया

रेलवे की अनुपयुक्त जमीन बिहार सरकार को हस्तांतरित करने की कार्रवाई शुरू है. शुक्रवार को सर्वे हुआ. 17 एकड़ रेलवे की जमीन को हस्तांतरित करने के बाद उस जमीन पर स्थायी आवासन की व्यवस्था पर्यटन विभाग की ओर से की जायेगी. नमामि गंगे घाट के समीप रेलवे की जमीन का निरीक्षण कर सर्वे का कार्य प्रारंभ किया गया. डीएम के निर्देश पर वरीय उप समाहर्ता सामान्य शाखा भागलपुर मिथिलेश प्रसाद सिंह व पर्यटन विभाग के आर्किटेक्ट देवाशीष ने सर्वे कार्य को लेकर कई जानकारी ली. सीओ रवि कुमार व अमीन से जानकारी लेकर सर्वे किया. मौके पर नप के मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू मौजूद थे. उन्होंने बताया कि सुलतानगंज में श्रद्धालुओं को सालों भर ठहराव की मुकम्मल सुविधा मिलेगी. वरीय उप समाहर्ता ने बताया कि डीएम के निर्देश पर जमीन का सर्वे कार्य शुरू किया गया है. बिहार सरकार से स्वीकृति मिल गयी है. पर्यटन विभाग की ओर से जमीन का मापी की गयी. इस दौरान सीओ और अंचल अमीन मौजूद थे. कांवरिया सालों भर सुविधा मिलेगी. 17 एकड़ जमीन पर्यटन विभाग को दिया जायेगा. लगभग पांच हजार कांवरिया और श्रद्धालु के आवासन, शौचालय, स्वच्छ पेयजल के साथ पार्क का निर्माण होगा. विशाल मार्केट काम्प्लैक्स का निर्माण की संभावना है. सैकड़ों दुकानदारों को दुकान आवंटित कर रोजगार सृजन होगा. -श्रावणी मेला के पूर्व मुख्य पार्षद ने विभागीय मंत्री से की थी मांग श्रावणी मेला के पूर्व नगर विकास व आवास मंत्री नितिन नवीन के सुलतानगंज आगमन पर श्रावणी मेला व नगर परिषद सुलतानगंज के विकास के लिए नप मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू ने एक अनुरोध पत्र दिया था. मुख्य पार्षद ने बताया कि कांवरियों के आवासन के लिए बहुमंजिला इमारत की मांग की गयी थी. नगर विकास मंत्री के प्रयास से मुख्यमंत्री से स्वीकृति प्रदान की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भागलपुर में प्रगति यात्रा के दौरान सुलतानगंज को एक बड़ी सौगात दी है. सुलतानगंज के विकास और पर्यटन को बढ़ावा, प्रत्येक हाथ को रोजगार का अवसर प्राप्त होगा. मुख्य पार्षद ने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री संतोष कुमार सिंह, नगर विकास व आवास मंत्री नितिन नवीन, डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी के साथ जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने बताया कि संभावित अजगैवीनाथ धाम कॉरिडोर एवं अजगैवीनाथधाम एयरपोर्ट होने से संपूर्ण भारत के मानचित्र पर अजगैवीनाथ धाम छा जायेगा. मौके पर नवीन कुमार बन्नी, संजय कुमार चौधरी, सुभाष कुमार के अलावा रंजीत कुमार रंजन मौजूद थे.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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