एसडीपीओ अपने क्षेत्र के थानों की गश्ती की करेंगे चेकिंग, जेल से छूटे अपराधियों का होगा सत्यापन

एसडीपीओ अपने क्षेत्र के थानों की गश्ती की करेंगे चेकिंग, जेल से छूटे अपराधियों का होगा सत्यापन

समीक्षा भवन में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में पुलिस पदाधिकारियों के साथ शामिल हुए अभियोजन व चिकित्सीय पदाधिकारी – समय पर समर्पित करना होगा, इंज्यूरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जल्द प्राप्त करने का करना होगा प्रयास – संपत्तिमूलक अपराध में त्वरित अनुसंधान करने और त्वरित विचारण करा अपराधियों को सजा दिलाएगी पुलिस विगत दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 के आपराधिक कांडों सहित विधि व्यवस्था के मामलों की समीक्षा को लेकर रविवार को भागलपुर पुलिस की मासिक अपराध गोष्ठी (क्राइम मीटिंग) आयोजित की गयी. सीनियए एसपी हृदयकांत की अध्यक्षता में आयोजित क्राइम मीटिंग के दौरान एसपी सिटी शुभांक मिश्रा सहित सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, डीएसपी रैंक के पदाधिकारी, सर्किल पुलिस इंस्पेक्टर, थानाध्यक्ष, कोषांग प्रभारियों के साथ विभिन्न विशेष अधिनियमों के लोक अभियोजक और चिकित्सीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे. इस दौरान अपराधियों पर नकेल, बीते सहित पर्व-त्योहार को लेकर विशेष बिंदुओं पर दिशा निर्देश, कांडों के निष्पादन, आरोपित पत्र समर्पित करने, त्वरित विचारण, गश्ती को प्रभावशाली बनाने सहित कई अन्य बिंदुओं पर निर्देश दिया गया. इस दौरान मद्य निषेध अधिनियम सहित नशे के कारोबार के विरुद्ध सख्ती करने और मानवीय सूत्रों को मजबूत करने को भी कहा गया. क्राइम मीटिंग के बाद सीनियर एसपी की निगरानी में पुलिस केन्द्र में थाना के वाहनों का ””वाहन परेड”” कराया गया. इस दौरान पुलिस वाहनों के रख-रखाव और मरम्मति को लेकर विशेष दिशा निर्देश का निर्देश दिया गया. क्राइम मीटिंग के दौरान इन विशेष बिंदुओं पर दिया गया दिशा निर्देश :- – दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में प्रतिवेदित गंभीर श्रेणी के कांडों में की गयी कार्रवाई, उद्भेदन और लंबित मामलों का निष्पादन. – संपत्तिमूलक अपराध का त्वरित अनुसंधान, सीघ्र चार्जशीट करने से लेकर त्वरित विचारण करा अपराधियों को सजा दिलाना. – अपहरण के काण्डों में अभियान चलाकर अपहृत का बरामदगी और कांडों को निष्पादित करना होगा. – सभी एसडीपीओ और सीआई को फरवरी 2025 तक निष्पादित कांडों में ससमय अंतिम आदेश निर्गत करना होगा. – वैसे कांड में जिनमें पीड़ितों को मुआवजा मिलने का प्रावधान है, उनमें ससमय मुआवजा प्रस्ताव समर्पित करना होगा. – सभी थानाध्यक्ष को ससमय, प्रातः गश्ती, रात्रि गश्ती और दिवा गश्ती प्रभावशाली तरीके से कराना होगा. – एसडीपीओ और सीआई अपने क्षेत्र में नियमित तौर पर भ्रमण कर गश्ती दलों की चेकिंग करेंगे. – जेल से छुटे अपराधियों का सत्यापन करने से लेकर उनपर निगरानी रखना होगा. – सरस्वती पूजा 2025 के दौरान लाइसेंस शर्ताें के उल्लंघनकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करनी पड़ेगी. – आगामी पर्व-त्योहार को लेकर अभी से प्लानिंग के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करनी होगी. – पुलिस और उत्पाद विभाग संयुक्त रूप से ड्रोन और श्वान दस्ता का प्रयोग कर छापेमारी करेंगे. – संपत्तिमूलक अपराध में शामिल अपराधियों और आदतन अपराधियों के विरूद्ध निगरानी प्रस्ताव/गुंडा प्रस्ताव समर्पित करना होगा. – न्यायालय से प्राप्त आदेशों के साथ साथ वारंट, कुर्की, इश्तेहार, सम्मन का ससमय निष्पादन करना होगा. – सदर और जेएलएनएमसीएच के पदाधिकारियों से सात दिनों के अंदर पोस्टमार्टम व इंज्यूरी रिपोर्ट निर्गत करने का अनुरोध करना होगा. – सभी थानाध्यक्ष जिला अभियोजन पदाधिकारियों के माध्यम से आरोप पत्र समर्पित करेंगे. – सदर और जेएलएनएमसीएच अस्पताल से टाईप किया गया इंज्यूरी व पोस्टमार्टम रिपोर्ट और रिपोर्ट पर चिकित्सक का नाम स्पष्ट रूप लिखने का अनुरोध करेंगे. ताकि अभियोजन कार्यों के निष्पादन में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े. – वैसे पदाधिकारी जो जिला से बाहर है और ससमय गवाही देने के लिए उपस्थित नहीं हो रहे, उनके लिए अधिक से अधिक वादों में एक दिन गवाही रखवाकर बुलाने का निर्देश दिया गया. – समकालीन अभियान चलाकर वारंट, इश्तेहार, कुर्की, सम्मन का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया. – मालखाना पंजी को अप टू डेट करने और प्रभार के लिए लंबित मालखाना का प्रभार जल्द से जल्द सौंपना होगा. – मालखाना में पड़े वाहनों का न्यायालय से अनुमति प्राप्त कर निष्पादन कराना होगा. – लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत पुलिस ऑफिस से निर्गत होने वाले चरित्र प्रमाण पत्र को निर्धारित अवधि में निर्गत करना होगा. – सभी पदाधिकारी अपने अधीनस्थों को साफ-सुथरी वर्दी धारण करने के साथ पुलिस प्रतिष्ठानों को साफ-सुथरा रखना होगा. – सभी मूलभूत संसाधन पुलिस केंद्र से प्राप्त करेंगे. और थाना के आत्मनिर्भर मद से खरीदना होगा.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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