भागलपुर से अतुल तिवारी की रिपोर्ट
Mayaganj Hospital Controversy: भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, मायागंज के फैब्रिकेटेड वार्ड में मरीज के परिजन से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है. वार्ड की सिस्टर इंचार्ज ने वार्ड अटेंडेंट मोहम्मद बंटी पर पैसे मांगने, विरोध करने पर अभद्र व्यवहार करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है. मामले में बरारी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
Mayaganj Hospital Controversy: खून जांच के नाम पर मांगे गए 500 रुपये
सिस्टर इंचार्ज द्वारा थाने में दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, 25 जून की शाम करीब चार बजे वार्ड अटेंडेंट मोहम्मद बंटी फैब्रिकेटेड वार्ड पहुंचा और भर्ती मरीज बिरबल रजक के परिजनों से खून जांच कराने के नाम पर 500 रुपये की मांग करने लगा. आरोप है कि पैसे नहीं मिलने पर उसने मरीज का सलाइन हटा दिया.
विरोध करने पर अभद्रता और धमकी का आरोप
वार्ड में मौजूद अन्य मरीजों के परिजनों ने जब इस घटना का विरोध किया तो आरोपी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी दी. शिकायत के अनुसार, इससे वार्ड में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई.
स्टाफ से भी की गाली-गलौज और धमकी
सिस्टर इंचार्ज के मुताबिक ड्यूटी पर मौजूद अस्पताल कर्मियों ने आरोपी को पकड़ लिया था, लेकिन पूछताछ के दौरान उसने अस्पताल स्टाफ के साथ भी गाली-गलौज की और गोली मारने की धमकी दी. घटना की जानकारी अस्पताल प्रशासन को दी गई, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया.
पहले भी हटाया जा चुका था आरोपी
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मोहम्मद बंटी को पहले मेडिकल कॉलेज से हटाकर प्राचार्य कार्यालय भेजा जा चुका था. इसके बावजूद वह फैब्रिकेटेड वार्ड में आता-जाता रहा और अस्पताल परिसर में उसकी मौजूदगी बनी रही.
बरारी थाना में दर्ज हुई प्राथमिकी
मामले को गंभीरता से लेते हुए बरारी थाना पुलिस ने सिस्टर इंचार्ज की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.
वरीय अधिकारियों को दी गई जानकारी
घटना की जानकारी अस्पताल प्रशासन के साथ-साथ वरीय पदाधिकारियों को भी दे दी गई है. प्रशासनिक स्तर पर मामले की समीक्षा की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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