भागलपुर नगर निगम के विकास और जल निकासी के तमाम बड़े-बड़े दावों की पोल हल्की सी बारिश ने खोलकर रख दी है. नगर निगम के वार्ड नंबर 39 स्थित मौलाना चक छोटी मस्जिद के समीप की मुख्य सड़क रातों-रात तालाब में तब्दील हो गई है. एक तरफ जहां नगर निगम कर्मियों की हड़ताल के कारण पूरा शहर कचरे और गंदगी के ढेर से कराह रहा है, वहीं दूसरी तरफ जलजमाव के कारण स्थानीय लोग और राहगीर बदबूदार गंदे पानी में उतरकर अपनी किस्मत को कोसने पर मजबूर हैं.
सड़क है या स्विमिंग पूल? पैदल चलना हुआ दूभर
मौलाना चक छोटी मस्जिद और मजार शरीफ जाने वाले मुख्य मार्ग पर थोड़ी सी फुहारें पड़ते ही सड़क पर गंदा पानी भर जाता है. सड़क पर घुटने तक जलजमाव हो जाने के कारण इस रास्ते पर पैदल चलना भी किसी खतरे से खाली नहीं रह गया है:
- श्रद्धालु व नमाजी बेहाल: मस्जिद में नमाज अदा करने जाने वाले लोगों और मजार शरीफ पर आस्था के फूल चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं को मजबूरी में इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनके पाक कपड़ों और आस्था पर असर पड़ रहा है.
- स्कूली बच्चे और बुजुर्ग चोटिल: रोजाना इस रास्ते से हजारों लोग गुजरते हैं. बारिश के बाद सड़क पर बने कीचड़ और गड्ढों के कारण आए दिन छोटे-छोटे स्कूली बच्चे और बुजुर्ग गिरकर चोटिल हो रहे हैं.
नगर निगम की हड़ताल और अफसरों की बेरुखी से बढ़ा आक्रोश
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे इस विकराल समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों से लेकर नगर निगम के आला अधिकारियों तक दर्जनों बार शिकायतें दर्ज करा चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है.
स्थानिय निवासियों का गुस्सा: "अधिकारी और नेता सिर्फ आश्वासन देते हैं. एक तरफ निगम कर्मचारियों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था ठप है और दूसरी तरफ जल निकासी का कोई उपाय नहीं किया गया है. अब हमारे सब्र का बांध टूट रहा है. यदि जल्द ही सड़क का निर्माण और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो लोग नगर निगम के दरवाजे पर पहुंचकर उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे."
