गोपालपुर : गोपालपुर, इस्माईलपुर और रंगरा प्रखंड क्षेत्र में शारदीय नवरात्र को लेकर तैयारियां शुरू हो गयी हैं. पूजा समितियों की ओर से प्रतिमा निर्माण, पंडाल निर्माण और सजावट का काम शुरू किया जा रहा है. इस वर्ष शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी.
धार्मिक मान्यता के अनुसार रविवार को नवरात्र शुरू होने पर मां दुर्गा का आगमन गज यानी हाथी पर होता है. इसे सुख-समृद्धि, धन-धान्य में वृद्धि और अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है. गंगा-कोसी दियारा क्षेत्र में इस वर्ष बाढ़ और जलजमाव की स्थिति के बीच मां के गज पर आगमन की धार्मिक मान्यता को लेकर ग्रामीणों के बीच विशेष चर्चा है.
11 अक्टूबर को मां शैलपुत्री की पूजा से होगी शुरुआत
शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर को मां शैलपुत्री की पूजा के साथ होगी. इसके बाद नवरात्र के अलग-अलग दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जायेगी.
18 अक्टूबर को महाअष्टमी, 19 अक्टूबर को महानवमी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनायी जायेगी. इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी भी की जा रही है.
सैदपुर के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर में विशेष तैयारी
ग्रामीण क्षेत्रों में भी नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है. कई जगह पूजा समितियों की बैठक कर आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है. प्रतिमा निर्माण से लेकर पंडाल, विद्युत सजावट और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की कवायद शुरू हो गयी है.
सैदपुर के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर में भी नवरात्र को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं. पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर समितियां तैयारी में जुटी हैं.
बाढ़ के बीच गज पर मां के आगमन की चर्चा
गोपालपुर, इस्माईलपुर और रंगरा का बड़ा हिस्सा गंगा-कोसी दियारा क्षेत्र में आता है. इस वर्ष बाढ़ और जलजमाव के बीच नवरात्र शुरू होने जा रहा है. ऐसे में मां दुर्गा के गज पर आगमन की धार्मिक मान्यता को लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार गज पर मां का आगमन अच्छी वर्षा और सुख-समृद्धि का सूचक माना जाता है. हालांकि, यह एक धार्मिक मान्यता है, इसका वैज्ञानिक आधार नहीं है.
