— टीएमबीयू के पीजी अंग्रेजी विभाग में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
टीएमबीयू के पीजी अंग्रेजी विभाग में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार मंगलवार से शुरू हुआ. कार्यक्रम का विषय लिट्रेचर एंड साइंस : द बर्थ ऑफ न्यू जॉनरा था. हेड प्रो आरती सिन्हा ने सेमिनार के थीम की महत्ता एवं व्यापकता पर प्रकाश डाला. मुख्यवक्ता प्रो सुरजीत सेन गुप्ता ने साहित्य और विज्ञान के बीच विनिमय एवं संपर्क के बारे में कई सवाल खड़े किये. उन्होंने कहा कि साहित्य हमारे कल्पना शक्ति को विकसित करता है. उन्होंने साहित्य एवं विज्ञान को एक दूसरे पर निर्भरता उसके महत्व एवं अनिवार्यता पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया. कहा कि सरकार साहित्य विषयों की पढ़ाई पर जितने पैसे खर्च करते हैं. विज्ञान विषयों पर जितने खर्च करते हैं, तो दोनों का परिणाम समाज को क्या मिलता है. उन्होंने इसका तुलनात्मक अध्ययन का विस्तृत रूपरेखा कीजिए. उन्होंने कहा कि विज्ञान को साहित्य की आवश्यकता नहीं है. जबकि साहित्य को भी ज्ञान की आवश्यकता होती है. साहित्य से आनंद मिलता है. जबकि विज्ञान हमारी आवश्यकता भी है.
प्रो अवधेश कुमार शर्मा ने कहा कि विज्ञान को नैतिक अभिभावक की जरूरत है, जो इसे नियंत्रण में रखता है. प्रो सत्यब्रत सिंह ने कहा कि साहित्य में आत्मा बहुत ही महत्वपूर्ण होती है. रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे ने उत्कृष्ट शैक्षणिक आयोजन के लिए विभाग अध्यक्ष, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को धन्यवाद दिया. नवनिर्मित भवन में अंग्रेजी विभाग द्वारा किया प्रथम कार्यक्रम है. उन्होंने कहा कि विभागों को तत्काल आवश्यकता के लिए दस हजार तक की मदद के प्रस्ताव को कुलपति के समक्ष रखने को हुए तत्पर रहते है. संचालन डॉ मोनी कुमारी ने किया. आयोजन सचिव जयदीप मुखर्जी ने बताया कि ऑफलाइन मोड में 35 शोधार्थियों ने व ऑनलाइन मोड में कुल 21 शोधार्थियों ने पेपर प्रेजेंटेशन दिया. इससे पहले अतिथियों ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया.
मौके पर विवि के लोकपाल प्रो उदय कुमार मिश्रा, गौरी शंकर झा, पूर्णिमा प्रियदर्शी, प्रो जावेद अख्तर, प्रो रविंद्र कुमार श्रीवास्तव, प्रो सरोज कुमार राय, डॉ फिरोज आलम, डॉ श्वेता सिंह कोमल, डॉ अर्पित मित्र, डॉ भावेश कुमार आदि मौजूद थे.