bhagalpur news. मायके वालों के अनावश्यक हस्तक्षेप से कमजोर होती है सात फेरों की डोर

नवगछिया बार एसोसिएशन के महासचिव सह वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने रविवार को प्रभात खबर के लीगल काउंसलिंग में कहा कि वर्तमान में घरेलू हिंसा, विवाहों के टूटने की काफी खबर आ रही है

भागलपुर नवगछिया बार एसोसिएशन के महासचिव सह वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने रविवार को प्रभात खबर के लीगल काउंसलिंग में कहा कि वर्तमान में घरेलू हिंसा, विवाहों के टूटने की काफी खबर आ रही है. न्यायालय में भी इस तरह के मामले रोज आने लगे हैं. लोगों को समझना होगा कि परिवार भाव, प्रेम से चलता है. परिवार के सदस्यों को एक-दूसरे के प्रति समझ बनानी पड़ती है. अजीत कुमार ने कहा कि वर्तमान में मोबाइल का खूब प्रचलन हो गया है. वैवाहिक संबंधों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है. हल्के-फुल्के विवाद में भी देखा गया है कि लड़की के मायके वाले फोन कर के हस्तक्षेप करते हैं. मायके वालों का अनावश्यक हस्तक्षेप सात फेरों की डोर को कमजोर कर देता है. मायके वालों को अपने बेटी की ससुराल के आंतरिक मामलों में तभी हस्तक्षेप करना चाहिए, जब अति आवश्यक हो. नयी पीढ़ी में यह भी देखा जाता है कि वह वर्चुअल रिश्तों पर अधिक ध्यान देते हैं और परिवार में जो हमेशा उनके सामने होते हैं, उन्हें इग्नोर कर देते हैं. नये आपराधिक कानून में किये गये हैं सकारात्मक बदलाव वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने नये आपराधिक कानून को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें कई सकारात्मक बदलाव किए गए हैं, जो न्याय प्रक्रिया को तेज और अधिक प्रभावी बनायेंगे. डिजिटल साक्ष्य की मान्यता और पुलिस की जवाबदेही बढ़ाना स्वागतयोग्य कदम है. आम नागरिकों को नये कानून के बारे में जागरूक करना भी बेहद जरूरी है, ताकि उनके अधिकार सुरक्षित रह सकें. सुलभ न्याय के लिए की गयी है कई तरह की व्यवस्था इन दिनों सुलभ न्याय के लिए कई तरह की व्यवस्था की गयी है. उन्होंने लोक अदालतों का जिक्र करते हुए कहा कि इन दिनों लोक अदालतों में बड़ी संख्या में सुलहनीय वादों का निष्पाद किया जाता है, जो स्वागत योग्य कदम है. उन्होंने कहा कि जो लोग आर्थिक रूप से विपन्न हैं, उनके लिए भी डिफेंस काउंसिल की व्यवस्था की गयी है. ऐसे लोगों के लिए मुफ्त न्याय की व्यवस्था की जाती है. सवाल-जवाब 1. धूम – धाम से पुत्री की शादी की. लेकिन शादी के बाद ससुरालवालों ने दहेज को लेकर उसकी पुत्री को प्रताड़ित कर वहां से भगा दिया. मामला कुटुंब न्यायालय में है. क्या करें. एक पाठक, भागलपुर. उत्तर – मामले में ससमय उचित पैरवी कर अपना पक्ष रखें और अधिवक्ताओं के लगातार संपर्क में रहें. न्याय जरूर मिलेगा. 2. पिछले दिनों मेरे एक परिजन पर किसी ने झूठा केस कर दिया है. ऐसी स्थिति में क्या किया जाय. जेम्स फाइटर, नवगछिया. उत्तर – पुलिस के समक्ष वास्तविक घटना साक्ष्य और गवाहों के साथ रखें. अगर स्थानीय स्तर पर पुलिस नहीं सुनती है तो मामले को ले कर वरीय पदाधिकारी के पास जाएं. निश्चित रूप से आपको राहत मिलेगी. 3. क्या सड़क हादसे में मृत्यु हो जाने के बाद बीमा की राशि प्राप्त करने के लिए किन चीजों की जरूरत होती है. वरुण कुमार, नवगछिया. उत्तर – सड़क हादसे के बाद थर्ड पार्टी इश्योरेंस क्लेम होता है. कोर्ट में एफआईआर, पोस्टमार्टम रिर्पोट, चार्जशीट और गवाहों की जरूरत होती है. अगर पुलिस इन सब सामग्रियों को कोर्ट में प्रस्तुत करने में विलंब करती है तो वरीय पदाधिकारियों से मामले की शिकायत करें. 4. मारपीट के एक झूठे मामले में एक बालिग और एक नाबालिग को फंसा दिया गया. मामले में समझौता भी हो गया है. बालिग को जमानत मिल चुकी है. क्या नाबालिग लड़के को भी जमानत लेना आवश्यक है ? रविंद्र कुमार, बिहपुर. उत्तर – नहीं, अगर मामला झूठा है और समझौता भी हो गया है तो ऐसे मामले में पुलिस उदारतापूर्वक कार्रवाई करती है. मामले को पुलिस पदाधिकारियों के समक्ष रखें, निश्चित रूप से नाबालिग बालक पुलिस राहत देगी. 5. मेरे नाम से डेढ़ डिसमिल ज्यादा जमीन की जमाबंदी हो गयी है, मामले को लेकर एडीएम के पास गये हैं. अब क्या करना चाहिए. पंचानंद मंडल, बांका उत्तर – चूंकि आप मामले को लेकर सक्षम प्राधिकार में गये हैं, इसलिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है. आपकी पूरी जमाबंदी कैंसिल होने का कोई औचित्य नहीं है. उम्मीद है जितनी जमाबंदी ज्यादा है, उसे ही सेटलमेंट किया जायेगा. 6. मैं 12वीं कक्षा का छात्र हूं, मेरी उम्र 17 वर्ष नौ माह है. मैं अपने ही क्लास की एक लड़की से प्यार करता हूं. शादी करना चाहता हूं. क्यों करें ? एक पाठक, भागलपुर उत्तर – मेरी सलाह मानें तो अभी आप दोनों को पढ़ने-लिखने पर ही फुल फोकस करना चाहिए. आपलोग कानूनन शादी के योग्य नहीं है. प्यार करते हैं तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन पहले आप दोनों पढ़ लिख कर आर्थिक रूप से सबलता हासिल करें. फिर शादी ब्याह करेंगे तो अच्छा रहेगा. 7. अस्पताल में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए पोस्ट मार्टम रिपोर्ट की कॉपी मांगी जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी न तो पुलिस उपलब्ध करवा रही है और न ही अस्पताल प्रबंधन दे रहा है, क्या करें. विकास, गोपालपुर आप अपने मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन से मिलें. उम्मीद है आपकी समस्या का वहां निदान कर दिया जायेगा. 8. शादी के तीन साल बाद पत्नी अचानक गायब हो गयी. थाने में केस किये काफी दिन हो गये. कुछ भी पता नहीं चल रहा है, क्या करें. नकुल कुमार, भागलपुर उत्तर – आप मामले को लेकर वरीय पुलिस पदाधिकारियों को आवेदन करें और अपने स्तर से भी खोजबीन करें, कुछ सूचना मिले तो पुलिस के साथ जरूर साझा करें.

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By Atul kumar

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