नवगछिया: कोसी के उफान से सधुआ समेत कई पंचायतों में घुसा बाढ़ का पानी, कटरिया स्टेशन पर शरण लेने को मजबूर लोग

कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से नवगछिया के रंगरा प्रखंड में बाढ़ का कहर जारी है. सधुआ, मदरौनी और सहोड़ा सहित कई पंचायतें पानी में डूब गई हैं. लोग अपने घरों को छोड़कर कटरिया रेलवे स्टेशन और तटबंधों पर सुरक्षित आश्रय लेने को मजबूर हैं.

भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत रंगरा प्रखंड में कोसी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने तबाही मचानी शुरू कर दी है. सधुआ चापर, मदरौनी और सहोड़ा सहित कई पंचायतों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया है. सधुआ गांव की मुख्य सड़क पर पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है और ग्रामीणों का संपर्क कट गया है. पानी खेतों को डुबोते हुए रिहायशी घरों में प्रवेश कर चुका है, जिसके चलते लोग अपने परिवारों और जरूरी सामानों के साथ कटरिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म और त्रिमुहानी तटबंध पर शरण लेने को मजबूर हैं.

कटरिया स्टेशन और तटबंध पर शरणार्थियों का डेरा

अचानक जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है और पीड़ित परिवार सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन कर रहे हैं:

  • प्लेटफॉर्म पर आशियाना: बाढ़ से बेघर हुए कई परिवार कटरिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर पनाह लिए हुए हैं.
  • तटबंध व रेल लाइन किनारे डेरा: इसके अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण त्रिमुहानी तटबंध और रेलवे लाइन व सड़कों के किनारे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं.

मदरौनी के 500 से अधिक घरों में घुसा पानी, कई टोले जलमग्न

रंगरा प्रखंड के विभिन्न गांवों में बाढ़ के पानी का फैलाव तेजी से हो रहा है:

  • मुखिया का बयान: मदरौनी पंचायत के मुखिया अजीत कुमार मुन्ना ने बताया कि अकेले उनकी पंचायत में लगभग 500 घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है.
  • प्रभावित टोले: मदरौनी का गोढ़ियारी टोला, नासी टोला, पूर्वी टोला और ठाकुर टोला पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं.
  • सहोड़ा और कोसकीपुर में भी आफत: सहोड़ा और कोसकीपुर पंचायतों में भी बाढ़ का पानी घरों में भर जाने से लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर निकल रहे हैं.
सड़क संपर्क भंग | Prabhat Khabar Network

पेयजल और शौचालय की गंभीर समस्या, प्रशासन से मदद की गुहार

बाढ़ पीड़ितों के सामने अब बुनियादी सुविधाओं का भारी संकट खड़ा हो गया है:

  • पीने के पानी का टोटा: राहत शिविरों और शरण स्थलों पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था न होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
  • शौचालय की कमी: सुरक्षित स्थानों पर पर्याप्त शौचालय उपलब्ध नहीं होने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
  • राहत की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि अचानक पानी आने से तैयारियां धरी रह गईं. पीड़ितों ने प्रशासन से अविलंब राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल और मोबाइल शौचालय की व्यवस्था करने की मांग की है.


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By Rashid alam

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