Bihar Railway News : बरौनी–कटिहार रेलखंड पर स्थित कटरिया रेलवे स्टेशन पर वर्षों बाद भी यात्रियों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं. स्टेशन पर प्लेटफॉर्म का ऊंचीकरण, फुट ओवरब्रिज (एफओबी) और पर्याप्त यात्री शेड का अभाव लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है. स्थानीय लोग लंबे समय से इन सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है.
नीचा प्लेटफॉर्म बना यात्रियों के लिए खतरा
कटरिया रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म काफी नीचा होने के कारण ट्रेन में चढ़ने और उतरने के दौरान यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. सबसे अधिक परेशानी बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को होती है. भारी सामान लेकर यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी ट्रेन में चढ़ना और उतरना जोखिम भरा साबित होता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संतुलन बिगड़ने से हादसे की आशंका बनी रहती है.
फुट ओवरब्रिज नहीं, ट्रैक पार करने को मजबूर यात्री
स्टेशन की सबसे बड़ी समस्या फुट ओवरब्रिज का नहीं होना है. एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए यात्रियों को रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है, जो बेहद खतरनाक है. स्थानीय लोगों के अनुसार जब दूसरे प्लेटफॉर्म पर मालगाड़ी लंबे समय तक खड़ी रहती है, तब कई यात्री मजबूरी में मालगाड़ी के नीचे से गुजरकर प्लेटफॉर्म संख्या एक तक पहुंचते हैं. इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
धूप और बारिश में खुले आसमान के नीचे इंतजार
कटरिया रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त यात्री शेड नहीं होने के कारण यात्रियों को भीषण धूप, बारिश और उमस के बीच खुले आसमान के नीचे ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है. वर्तमान में स्टेशन पर केवल पैसेंजर ट्रेनों का ही ठहराव है. बावजूद इसके रोजाना बड़ी संख्या में यात्री यहां से सफर करते हैं और बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करते हैं.
स्टेशन विकास की मांग हुई तेज, कैपिटल एक्सप्रेस के ठहराव की भी उठी आवाज
स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से प्लेटफॉर्म का शीघ्र ऊंचीकरण, फुट ओवरब्रिज का निर्माण, यात्री शेड की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है. पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल यादव ने बताया कि उनके संसदीय कार्यकाल में तत्कालीन रेल मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान के प्रयास से कटरिया रेलवे स्टेशन पर कैपिटल एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हुआ था, लेकिन कोरोना काल के बाद यह ठहराव बंद हो गया. उनका कहना है कि स्टेशन का समुचित विकास और प्रमुख ट्रेनों का पुनः ठहराव शुरू होने से यात्रियों को राहत मिलेगी तथा क्षेत्र में आवागमन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन सकेगा.
