Bhagalpur news छत्तीसगढ़, बंगाल के कांवारियों ने उठाया गंगा जल

श्रावणी मेला में जिला प्रशासन ने अच्छी व्यवस्था की है.मंगलवार को नाममि गंगे घाट पर छत्तीसगढ़ के सैकड़ों कांवारिया जल भरने पहुंचे.

श्रावणी मेला में जिला प्रशासन ने अच्छी व्यवस्था की है.मंगलवार को नाममि गंगे घाट पर छत्तीसगढ़ के सैकड़ों कांवारिया जल भरने पहुंचे. कांवरिया पिंटू कुमार जायसवाल ने बताया कि पहली बार सुलतानगंज पहुंचे. व्यवस्था अच्छी है. मेला शुरू होने पर और सुविधाएं मिलने का उम्मीद है. सुलतानगंज गंगा घाट को बेहतर बनाया गया. कुछ साल बाद और बहुत कुछ देखने को मिलेगा. जिला प्रशासन के साथ बिहार सरकार बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास कर रही है. शौचालय, पानी, साफ-सफाई अच्छा मिला है. कुछ जगहों पर कांवरियों को सुविधा उपलब्ध नहीं है, लेकिन काम को गति देने की जरूरत है.

कांवरियों का आना शुरू, उद्घाटन मंच, रैन सेंटर निर्माण कार्य जारी

श्रावणी मेला में महज तीन दिन शेष है. जिला प्रशासन गंगा घाट से कच्चा कांवरिया पथ पर तैयारी को अंतिम रूप दे रहा है, गंगा घाट पर पर्यटन विभाग की ओर से 200 बेड का रैन सेंटर का निर्माण कार्य जारी है. उद्घाटन मंच, दर्शक पंडाल बनाया जा रहा है. बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से गंगा घाट पर बांस बैरिकेडिंग, जीओ बैग बिछाने का काम फाइनल किया गया है. गंगा के जलस्तर में वृद्धि पर बैरिकेडिंग को आगे-पीछे करने का काम किया जा रहा है. पीएचडी विभाग की ओर से शौचालय, पानी, चेंजिंग रूम, नगर परिषद की ओर से साफ-सफाई, लाइट बत्ती, मार्किंग की व्यवस्था की गयी है. गंगा घाट से कच्चा कांवरिया पथ तक जगह-जगह तोरण द्वार बनाया गया है. देश विदेश से कांवरियों की भीड़ गंगा घाटों से कांवरिया पथ पर दिखने लगी है.

गूंजने लगे बोल बम के गूंज, जल उठाने लगे कांवरियेश्रावणी मेला के शुभारंभ में अब महज 48 घंटे शेष रह गये हैं. सुलतानगंज नगरी पूरी तरह से कांवरियों के स्वागत के लिए तैयार हो चुकी है. बाबा अजगैवीनाथ मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है. बोल बम के जयकारों से वातावरण शिवमय हो गया है. शहर में अस्थायी दुकानों की बहार आ चुकी है, जहां कांवरियों की आवश्यकता की वस्तुएं जैसे पुष्प, बेलपत्र, पूजा सामग्री उपलब्ध हैं. जिला प्रशासन की ओर से शौचालय, पेयजल, रोशनी, सफाई, ठहराव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की गयी है. हालांकि, कुछ व्यवस्था आनन-फानन में की जा रही हैं, फिर भी भक्तों के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही.

हजारों कांवरिये गये बाबाधाम

प्रदोष की पवित्र तिथि पर हजारों कांवरिये गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) रवाना हुए. केसरिया वस्त्र धारी शिवभक्तों की टोलियों और कांवर की घंटियों की मधुर ध्वनि से सुलतानगंज में भक्ति का अद्भुत वातावरण बन गया है. 11 जुलाई को नमामि गंगे घाट पर मेले का औपचारिक उद्घाटन होगा. मंच निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है. नगर परिषद की ओर से ध्वनि विस्तारक यंत्रों से हिंदी, नेपाली, बंगाली, भोजपुरी, अंगिका और मैथिली भाषाओं में यात्रियों को आवश्यक सूचना दी जा रही है. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच और कलाकारों की व्यवस्था की जा रही है. इस बार मेले में बिजली कटौती नहीं होगी, इसकी पूरी तैयारी की गयी है. एसडीओ रंजीत कुमार ने बताया कि कांवर पथ पर बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल कर दी गयी है. दुकानदारों को अस्थायी कनेक्शन दिये जा रहे हैं. बिना अनुमति बिजली इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है. सुलतानगंज इन दिनों पूर्णतः भक्ति के रंग में रंग चुका है. जिला प्रशासन सफाई, पेयजल, रोशनी, शौचालय, स्वास्थ्य शिविर सहित कई सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं.

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Published by: Jitendra tomar

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