भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (JLNMCH) में एचआइवी (HIV) किट की खरीदारी में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है. बाजार में करीब ₹190 प्रति पैकेट मिलने वाली किट को ₹45 लाख में खरीदे जाने के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है. विभाग के विशेष सचिव सह प्रथम अपीलीय प्राधिकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल अधीक्षक और आरोपित क्रय लिपिक को 12 अगस्त को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है.
क्या है पूरा मामला और आरोप?
मिरजानहाट निवासी प्रकाश कुमार ने विभागीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को आवेदन देकर खरीदारी में गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं:
- किट की मनमानी खरीद: दिसंबर 2024 में समस्तीपुर की 'जय शिव कंपनी' से ₹45 लाख में एचआइवी किट खरीदी गई और एजेंसी को पूरा भुगतान भी कर दिया गया.
- आरोपित कर्मचारी: शिकायत में क्रय लिपिक नीरज झा, तत्कालीन अधीक्षक, भंडारपाल नीलिमा सिन्हा, रोकड़पाल नूतन कुमार और प्रधान लिपिक प्रेमलता पर मिलीभगत से भुगतान कराने का आरोप है.
तबादले के बाद वापस बुलाने का आरोप
मामला तूल पकड़ने पर तत्कालीन अधीक्षक डॉ. अविलेश कुमार ने क्रय लिपिक नीरज झा का तबादला 'सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल' कर दिया था. हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्तमान अधीक्षक डॉ. एच.पी. दूबे ने प्रधान लिपिक के साथ मिलकर नीरज झा को वापस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थापित कर दिया और उन्हें क्रय संबंधी कार्य देखने दिया जा रहा है.
छुट्टी के बावजूद नर्स को ₹25 लाख अतिरिक्त भुगतान का आरोप
शिकायत पत्र में एचआइवी किट खरीद के अलावा एक और वित्तीय अनियमितता का खुलासा किया गया है. आरोप है कि:
- अस्पताल के प्रवीण कुमार ने रोकड़पाल और प्रधान लिपिक के साथ मिलकर अवकाश पर चल रही स्टाफ नर्स प्रतिमा को ₹25 लाख से अधिक की अतिरिक्त राशि का भुगतान करा दिया.
- मई 2026 में प्रवीण कुमार के सेवानिवृत्त होने के बावजूद अब तक इस अतिरिक्त राशि की वसूली नहीं की गई है.
12 अगस्त को होगी सुनवाई
स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव ने अस्पताल प्रशासन और आरोपित कर्मियों से 12 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा है. वहीं, इस मामले पर वर्तमान अस्पताल अधीक्षक डॉ. एच.पी. दूबे से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
