Bhagalpur News. महंगाई के तराजू पर हल्के हो गये गहने

महंगाई के तराजू पर हल्के हो गये गहने.

-सोने-चांदी के भाव बढ़े, पर ग्राहकों के शौक वहीदीपक राव, भागलपुरअंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में लगातार उछाल का साइड इफैक्ट भागलपुर के सर्राफा बाजार पर दिख रहा है. सालभर में जहां सोना की कीमत तीन गुनी बढ़ गयी, तो चांदी की कीमत छह गुनी से अधिक हो गयी. ऐसे में सोना पट्टी समेत जिलेभर के आभूषण दुकानों में लगन का मौसम होने के बाद भी ग्राहकों का टोटा हो गया. जो ग्राहक पहुंच रहे हैं, वे पिछले साल के बजट में ही उतने ही गहने की डिमांड कर रहे हैं. ऐसे में स्वर्णकारों को हल्के वजन के गहने तैयार कर ग्राहकों की डिमांड पूरी करनी पड़ रही है.

कारोबार में 50 फीसदी से अधिक की गिरावट

सर्राफा कारोबारियों की मानें तो लगन को लेकर उपभोक्ता खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन उनका बजट कम हो रहा है. दरअसल पहले जिस सोना की कीमत सालभर पहले 60 से 70 हजार प्रति 10 ग्राम थी, वहीं अब बढ़कर लगभग 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गये. चांदी की कीमत 60 हजार रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर लगभग चार लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी. ऐसे में बजट सामान्य रह गया और सोना-चांदी के आभूषण की मात्रा घट गयी, इस तरह से कारोबार 50 से 60 फीसदी तक घट गया. जिले में 500 से अधिक छोटी-बड़ी आभूषण की दुकानें हैं, जिससे सालाना 600 करोड़ से अधिक का कारोबार होता है. अभी घटकर एक माह में 25 करोड़ से भी कम हो गया है. उन्होंने बताया कि जो उपभोक्ता पहले तीन ग्राम की अंगूठी खरीदते थे, वह अब सवा ग्राम की खरीद रहे हैं. मुकेश साह ने बताया कि लगन के समय कभी ग्राहक का इंतजार नहीं करना पड़ा. छोटी सी दुकान में ग्राहक भरे रहते थे. अभी तो एक-एक ग्राहक पहुंच रहे हैं.

सर्राफा कारोबारी व ग्राहकों ने बयां किया दर्द

पिछले साल एक माह में 500 से अधिक ग्राहक आये थे. इस साल माह में 300 ग्राहक भी नहीं पहुंचे. लगन का मौसम आने के बाद भी ग्राहकों का आना लगभग बंद ही है. तनिष्क में निम्न मध्यवर्गीय लोग भी आते थे, लेकिन अब नहीं. 30 से 40 फीसदी तक कारोबार प्रभावित है.

हीरालाल, मैनेजर, तनिष्क शोरूमपिछले साल जो ग्राहक पांच लाख का आभूषण खरीद रहे थे. उसी तरह के गहने के लिए ग्राहक पांच लाख का ही बजट लेकर पहुंच रहे हैं. जिस वजह से आभूषण का वजन 50 ग्राम से घटकर 20 ग्राम पर आ गया. कीमत में लगातार उछाल से कम रेट में बुक किये गये आभूषण को उसी दर पर देना पड़ रहा है.

विशाल आनंद, स्वर्णिका शोरूमदो माह पहले धनतेरस में जहां 1.50 लाख रुपये प्रति किलो चांदी थी, वही अब बढ़कर चार लाख रुपये हो गये. चांदी को पहले आमलोगों का आभूषण माना जाता था.सरकार को इंपोर्ट ड्यूटी व जीएसटी घटाना चाहिए. 10 -10 दिन में बोहनी नहीं हो पा रही है. जबकि अभी लगन है.

तनुकलाल पोद्दार, छोटे सर्राफा कारोबारी

गिफ्ट देने के लिए पहले सोना खरीदते थे, लेकिन अब चांदी भी खरीदने के लिए सोचना पड़ रहा है. अपने परिवार व दोस्तों को रिटर्न गिफ्ट देना मुश्किल हो रहा है. पहले बढ़ा-चढ़ाकर गिफ्ट देते थे, ऐसा नहीं लगे कि उतना ही दे दिया. अब तो बराबरी का गिफ्ट देना मुश्किल लग रहा है.

मीना कुमारी, अवकाश प्राप्त शिक्षिका, ग्राहक, साहेबगंज

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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