Bhagalpur News. नीतीश कुमार के राष्ट्रीय राजनीति में जाने जदयू कार्यकर्ता असहज, कहा- अभी बिहार में ही रहना चाहिए
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जद यू कार्यकर्ताओं में असहजता की स्थिति.
ललित किशोर मिश्र, भागलपुरवर्षों से बिहार की राजनीति के केंद्र बिंदू रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अचानक राज्यसभा के लिए नामांकन करने से बिहार की राजनीति पूरी तरह से गरमा गयी है. एनडीए खेमा खासकर जदयू नेता अपने आप को असहज महसूस कर रहे हैं. भागलपुर एनडीए के नेता पटना के नेताओं से लगातार फोन पर संपर्क बनाये हुए हैं. बीस साल से जिस जदयू के कार्यकर्ता नीतीश कुमार को सीएम के रूम में अपना नेता मान रहे हैं, उनके इस निर्णय से वह असहज हो गये है. चर्चा यह भी है कि सीएम का पद अब बीजेपी के खाते में चला जायेगा, इससे भी जदयू खेमा में असहजता है.
जनता ने 2025 से 30 तक दिया जनादेश, अभी बिहार में रहना चाहिए
इस राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर जदयू जिलाध्यक्ष विपिन बिहारी सिंह ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार हमारे सर्वमान्य नेता है. यह उनका निर्णय है. लेकिन बिहार की जनता ने 2030 तक के लिए जनादेश दिया है, उन्हें बिहार में अभी रहना चाहिए. वहीं जदयू के पूर्व महानगर अध्यक्ष सुड्डू साई ने कहा कि नीतीश कुमार जदयू के सर्वमान्य, आगे भी रहेंगे. हमलोग उनके साथ हैं. अभी उन्हें बिहार में रहना चाहिए.भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि यह निर्णय नीतीश कुमार का है. आगे क्या होगा यह एनडीए का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा. वहीं कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष विपिन बिहारी यादव ने कहा कि अभी आगे-आगे देखिए होता है क्या. जनता सब देख रही है.
जिले में जदयू के सांसद व तीन विधायक है
जिले में वर्तमान में भागलपुर लोकसभा से जदयू के सांसद अजय मंडल हैं. कुछ महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में ऐतिहासिक जीत हुई थी. जिले के सभी विधानसभा सीट में एनडीए की जीत हुई थी. जिसमें गोपालपुर, कहलगांव व सुल्तानगंज से जदयू के विधायक हैं. वहीं भागलपुर, बिहपुर व पीरपैंती से भाजपा व नाथनगर विधानसभा सीट से लोजपा आर के विधायक हैं.
काली किंकर मिश्रा प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से अधिक समय से व डिजिटल माध्यम में पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. अमर उजाला, दैनिक जागरण के बाद फिलहाल प्रभात खबर भागलपुर कार्यालय में कार्यरत हैं. दिल्ली, पंजाब, झारखंड में पत्रकारिता कर चुके हैं.