bhagalpur news. टीएमबीयू में 20 माह से अतरराष्ट्रीय सेमिनार का नहीं हुआ आयोजन

टीएमबीयू रिसर्च वर्क, अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन में पीछे होने लगा है

टीएमबीयू रिसर्च वर्क, अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन में पीछे होने लगा है. विवि में अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय सेमिनार का आंकड़ा देखा जाये, तो चौकाने वाला नतीजा सामने आ रहा है. विवि में 20 माह से एक भी अंतरराष्ट्रीय सेमिनार नहीं हुआ है. यही नहीं राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन में भी पीछे है. जबकि विवि में 34 पीजी विभाग में पढ़ाई होती है.

कुछ विभागों में हुआ आयोजन

विवि से मिले आंकड़ा के अनुसार पीजी मनोविज्ञान विभाग में एक मात्र अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन 10 मई 2023 को हुआ था. इसमें नेपाल से डॉ एन थगुन्ना व डॉ रौनक आरा परवीन बांग्लादेश को आमंत्रित किया गया था. दोनों विदेश के व्याख्याता टीएमबीयू के सेमिनार भाग लेने आये थे. जबकि पीजी केमिस्ट्री विभाग में फरवरी 2024 में इंटरनेशनल सेमिनार हुआ था. इसमें विदेशों के व्याख्याता ऑनलाइन से जुटे थे. हालांकि, विवि के पूर्व अधिकारी का कहना है कि ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन कर महज खानापूर्ति किया जाता है. जबकि विदेशों से आने वाले व्याख्याता को वीजा लेना होता है. इसके बाद ही सशरीर कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं. वहीं, पीजी हिंदी विभाग में 2023 में ही राष्ट्रीय सेमिनार किया गया था. इसमें बंगाल, झारखंड व बिहार के अलग-अलग विवि के विषय विशेषज्ञ ने भाग लिया था. इसके बाद से विवि के अन्य पीजी विभागों में अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन नहीं हुआ.

दो कॉलेजों काे छोड़ अन्य कॉलेजों में नहीं हुआ

विवि के 12 अंगीभूत कॉलेज में मात्र दो कॉलेजों में ही अंतरराष्ट्रीय सेमिनार हुआ है. शेष कॉलेजों में सेमिनार का आयोजन नहीं किया गया है. कॉलेजों के आंकड़ा के अनुसार एसएम कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन वर्ष 2024 में छह व सात अप्रैल को हुआ था. इसमें बांग्लादेश से प्रो धनंजोय कुमार (इस्लामिक यूनिवर्सिटी) एवं नेपाल के डॉ मदन दूपा ने इस सेमिनार में भाग लिया था. जबकि मारवाड़ी कॉलेज में वर्ष 2024 में 27 व 28 जुलाई को आयोजन किया गया था. इसमें नेपाल के डॉ मदन सिंह दूपा, बांग्लादेश के डॉ सुतापा कुमार घोष व प्रो धनंजय कुमार व्याख्याता के रूप में शामिल हुए थे.

विभागों से मांगा गया प्रस्ताव, लेकिन मिला नहीं

विवि के तत्कालीन कुलपति प्रो जवाहर लाल ने मामले को लेकर सभी पीजी विभागों से अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय या कांफ्रेंस के आयोजन को लेकर प्रस्ताव मांगा था. डीओ कार्यालय में प्रस्ताव जमा कराने के लिए कहा गया था, लेकिन एक भी प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ था. मामला ठंडे बस्ते में चला गया.

मामले को लेकर प्रभारी कुलपति को अवगत कराया जायेगा. निर्देश मिलने पर इस दिशा में आगे की प्रक्रिया की जायेगी. अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन होने से नैक मूल्यांकन में विवि को लाभ मिलता है. विवि प्रशासन इसे लेकर गंभीर है.

प्रो रामाशीष पूर्वे, रजिस्ट्रार

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Author: ATUL KUMAR

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