आत्मा भागलपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय तेलहन फसल उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन गुरुवार को हुआ. समापन सत्र के अंतिम दिन किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, नकदी फसलों के लाभ और प्राकृतिक खेती के महत्व की जानकारी दी गयी. आत्मा के उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि मक्का जैसे फसलों की सीधी बुआई कर कम समय में अधिक उत्पादन कर सकते हैं. कहा कि सरकार द्वारा स्वीटकॉर्न एवं बेबीकॉर्न की खेती पर जोर दिया जा रहा है. किसान अगर फसल चक्र अनुसार खेती कर नगदी फसल बेचकर सीधी एवं अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं. बताया कि बाजार में मिलावटी तेल का उपयोग करने से बच्चों के साथ-साथ वयस्क भी विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं, जिससे बचाव के लिए सबसे सरल उपाय अपने तेलहन फसल के रकवा का बढ़ाना होगा. साथ ही उत्पादन का बढ़ावा देना होगा. उत्पादन अधिक होने पर आपका लागत तो कम होगा ही साथ ही बाजार में मूल्य में भी कमी आयेगी. जिससे शुद्ध तेल का उपयोग भी बढ़ेगा और मुनाफा भी अधिक होगा. प्रखंड तकनीकी प्रबंधक राजीव लोचन के द्वारा प्राकृतिक खेती पर जोर देते हुए किसान को गाय के गोबर से कम्पोस्ट खाद बनाने व गोबर गैस प्लांट के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी.
bhagalpur news. प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में दी गयी जानकारी
आत्मा भागलपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय तेलहन फसल उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन गुरुवार को हुआ
