Bhagalpur News. दलहन व तिलहन उत्पादन में वृद्धि खाद्य सुरक्षा के लिए आवश्यक
बीएयू में किसान मेला का आयोजन.
By KALI KINKER MISHRA | Updated at :
बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला 2026 का शुभारंभ
बीएयू सबौर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला 2026 का का शुभारंभ सोमवार को हुआ. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने दीप प्रज्वलित कर डिजिटल एग्रीकल्चर विषयक सेमिनार का उद्घाटन किया. मुख्य अतिथि ने मेले में लगे लगभग 150 स्टॉलों का निरीक्षण किया. 16 से 18 मार्च तक आयोजित होने वाले इस मेले का मुख्य विषय दलहन एवं तिलहन उत्पादन में वृद्धि से पोषण एवं खाद्य सुरक्षा रखा गया है. कार्यक्रम के स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय के अनुसंधान एवं प्रसार कार्यों की जानकारी दी गयी.मुख्य अतिथि ने कहा कि बीएयू कुलपति डॉ दुनिया राम सिंह के नेतृत्व में उत्कृष्ट और अभूतपूर्व कार्य कर रहा है. किसान मेले से किसानों को नई तकनीक, उन्नत किस्म और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी मिलती है. विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने डिजिटल एग्रीकल्चर विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जब कृषि को हम मोबाइल से जोड़कर डिजिटल रूप मे एआई तकनीक,ड्रोन टेक्नोलॉजी को जब किसान अपनी सर जमीन पर उपयोग करेंगे तभी किसानों की तीव्र गति से आय की संभावना विकसित हो सकती है. उन्होंने कहा कि बीएयू किसानों के आय की वृद्धि को ध्यान में रखते हुए एक से बढ़कर एक नवाचार करने के प्रति पूरी तरह समर्पित है.
दलहन व तिलहन का उत्पादन बढ़ाना जरूरी: कुलपति
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ डी आर सिंह ने कहा कि देश और राज्य में पोषण सुरक्षा तथा खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है. बीएयू वर्तमान में दलहनी फसलों से संबंधित 18 परियोजनाएं तथा तिलहनी फसलों से संबंधित 24 परियोजनाएं संचालित की जा रही है. तीसी (अलसी) के क्षेत्र में बीएयू सबौर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. विश्वविद्यालय द्वारा अब तक तीसी की पांच उन्नत किस्म विकसित की जा चुकी है. देश में उत्पादित कुल नाभिकीय बीज का लगभग 22% अकेले बिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा उत्पादित किया जाता है. इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया गया साथ ही साथ विश्वविद्यालय द्वारा विकसित मिलेट्स न्यूट्रीफीड टिफिन बॉक्स उत्पादन का भी लोकार्पण किया गया. कृषि क्षेत्र मे उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों को नवाचारी किसान सम्मान से सम्मानित किया गया. इसके अतिरिक्त विभिन्न क्षेत्रों मे कार्यरत वैज्ञानिकों और कृषि उद्यमियों को भी सम्मानित किया गया. एवं बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के सामुदायिक रेडियो स्टेशन एफएम ग्रीन के श्रोताओं को अतिथियों द्वारा रेडियो सेट वितरित किया गया एवं विश्वविद्यालय द्वारा संचालित एफएम रेडियो सुनने के लिए मंच से प्रेरित किया गया.
विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति हुए शामिल
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपाध्यक्ष अडाणी पावर लिमिटेड पीरपैंती के राजीव गोयल, पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ विवेकानंद सिंह, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा के कुलपति डॉ संजय कुमार चौधरी, भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा एवं तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ विमलेन्दु झा मौजूद रहे. इनके अलावा मंच पर भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार,एमएलसी अनामिका सिंह मंच पर उपस्थित थे.
पुष्प प्रदर्शनी व नवाचारी पवेलियन आकर्षण में
मेले का मुख्य आकर्षण उद्यम एवं पुष्प प्रदर्शनी तथा नवाचारी पवेलियन है. जहां कृषि के क्षेत्र में नयी तकनीक,स्टार्टअप्स और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया है.इसके अतिरिक्त किसानों को प्रशिक्षण,परामर्श तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है. तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में किसानों के लिये विभिन्न तकनीकी सत्र,प्रशिक्षण कार्यक्रम,कृषि विशेषज्ञों से संवाद तथा उन्नत तकनीक का प्रदर्शन आयोजित किया जायेगा. विश्वविद्यालय प्रशासन ने आशा व्यक्त की है कि यह किसान मेला किसानों के लिए ज्ञान तकनीक और नवाचार का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा तथा राज्य में कृषि के समग्र विकास को नई दिशा प्रदान करेगा. कार्यक्रम में स्वागत भाषण निदेशक अनुसंधान डॉ अनिल कुमार सिंह ने दिया एवं धन्यवाद ज्ञापन निदेशक प्रसार शिक्षा डॉक्टर एस के पाठक द्वारा किया गया.