bhagalpur news. पहले चरण में कैंसर की पहचान के बाद करायें उचित उपचार, जीवन की रक्षा संभव

पहले चरण में कैंसर की पहचान के बाद उचित उपचार कराएं, तो जीवन की रक्षा संभव है. उक्त बातें बिहार कैंसर केयर ऑर्गेनाइजेशन के सचिव नवीन कुमार झा ने कही.

पहले चरण में कैंसर की पहचान के बाद उचित उपचार कराएं, तो जीवन की रक्षा संभव है. उक्त बातें बिहार कैंसर केयर ऑर्गेनाइजेशन के सचिव नवीन कुमार झा ने कही. मौका था बिहार कैंसर केयर ऑर्गनाइजेशन-बीसीसीओ के तत्वावधान में सोमवार को जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के नौलखा कोठी स्थित लेक्चर थिएटर में विशेष कैंसर जागरूकता कार्यक्रम आयोजन का. इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन संगठन के अध्यक्ष नवीन झा सहित मायागंज अस्पताल के अधीक्षक, उपाधीक्षक और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से किया. बीसीसीओ के सचिव नवीन झा ने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य कैंसर को शुरुआती चरण में पहचानना, मरीजों को सुलभ और किफायती इलाज उपलब्ध कराने में मदद करना व आम लोगों को इस बीमारी से जुड़ी सही जानकारी देना और मार्गदर्शन करना है. उन्होंने कहा कि संस्था बिहार के सभी 38 जिलों में अपनी संरचना तैयार कर रही है, जिसमें गांव स्तर से लेकर राजधानी पटना और दिल्ली तक नेटवर्क विकसित किया जा रहा है. हेल्पलाइन सेवा, सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान और वालंटियर नेटवर्क को तेजी से विस्तार दिया जा रहा है. इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक कैंसर से जुड़ी जानकारी पहुंचायी जायेगी. आगे उन्होंने कहा कि आज भी समाज में कैंसर के प्रति जागरूकता की कमी है. इस कारण कई मामलों में बीमारी का पता देर से चलता है और मरीजों को गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि शरीर में किसी भी तरह के असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय रहते चिकित्सक से जांच कराएं. अन्य चिकित्सकों ने भी कहा कि कैंसर का समय पर पता चलने पर इसका इलाज संभव है, इसलिए नियमित जांच और जागरूकता बेहद जरूरी है. कैंसर के विरुद्ध सामूहिक संकल्प का आह्वान नवीन कुमार झा ने भावुक होते हुए अपने निजी जीवन के संघर्ष को साझा किया. किस प्रकार उनके पिता के कैंसर निदान ने उन्हें इस जानलेवा बीमारी के खिलाफ जंग लड़ने की प्रेरणा दी. लोग कैंसर का नाम सुनते ही लोग इसे मृत्यु का पर्याय मान लेते हैं, लेकिन समय रहते पहचान होने पर इसका इलाज संभव है. श्री झा ने संकल्प लिया कि उनकी संस्था विशेष रूप से सुदूर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों के प्रति जन-जागरूकता अभियान चलाएगी. उन्होंने चिकित्सकों और प्रशासन से सहयोग की अपील करते हुए रामायण के गिलहरी प्रसंग का उदाहरण दिया और कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से ही बड़ी जीत प्राप्त की जा सकती है.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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