Bhagalpur news बदलते समय में शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी

आज के दौर में शिक्षा का उद्देश्य डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि रोजगारोन्मुख, मूल्यपरक और तकनीक-समर्थ शिक्षा प्रदान करना है. मुरारका कॉलेज का 72वां स्थापना दिवस सोमवार को मनाया गया.

आज के दौर में शिक्षा का उद्देश्य डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि रोजगारोन्मुख, मूल्यपरक और तकनीक-समर्थ शिक्षा प्रदान करना है. मुरारका कॉलेज का 72वां स्थापना दिवस सोमवार को मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के संस्थापक स्व रंगलाल मुरारका की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गयी. दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना, कुलगीत और स्वागत गीत से शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम में कॉलेज से सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारियों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया. इस पहल की वक्ताओं ने सराहना की.

प्रभारी प्राचार्य डॉ नागेंद्र तिवारी ने महाविद्यालय के विकास कार्यों की जानकारी दी. कॉलेज के संस्थापक स्व रंगलाल मुरारका के पुत्र संतोष मुरारका ने कॉमर्स विषय की पुस्तकों के लिए पांच हजार रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की है. समिति गठित कर सिलेबस से संबंधित पुस्तकें मंगायी जायेगी. कॉलेज में समाजशास्त्र और कॉमर्स की पढ़ाई प्रारंभ हो चुकी है. उन्होंने बताया कि एनसीसी कैडेट अमित कुमार इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली में शामिल हुए, जबकि पूर्व में भी कॉलेज के कई एनसीसी छात्र राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता कर महाविद्यालय का नाम रोशन कर चुके हैं. अमित कुमार को सम्मानित किया गया.

नियमित अध्ययन से ही मिलेगी सफलता

अंग्रेजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष व सेवानिवृत्त प्राध्यापक परमानंद राय ने कहा कि आज की पीढ़ी का कक्षा से दूर रहना चिंता का विषय है. छात्रों को मोबाइल से अधिक कक्षा और पठन-पाठन पर ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा कि नियमित अध्ययन से ही वास्तविक ज्ञान और सफलता प्राप्त की जा सकती है. पहली बार सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित करने को ऐतिहासिक कदम बताया. छात्रों को नवाचार, शोध और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया. स्थापना दिवस समारोह में शिक्षक, छात्र-छात्राएं, पूर्ववर्ती विद्यार्थी एवं शिक्षा प्रेमी काफी संख्या में मौजूद रहे. सभी ने कॉलेज की शैक्षणिक यात्रा को याद करते हुए इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. मुरारका कॉलेज का स्थापना दिवस भविष्य की शिक्षा नीति, छात्रों की भूमिका और समाज में शिक्षा के महत्व पर गंभीर विमर्श का सशक्त मंच साबित हुआ. संचालन समाजशास्त्र विभाग की शिक्षिका डॉ स्वीटी कुमारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ चैतन्य प्रकाश ने प्रस्तुत किया. सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. मौके पर डॉ मुकेश कुमार, डॉ कौशलेंद्र कुमार, डॉ राजीव कुमार रंजन, डॉ राकेश कुमार, डॉ मनोज कुमार पांडेय, डॉ नवल राम, डॉ आशीष कुमार, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ चैतन्य प्रकाश, डॉ उज्ज्वल कुमार सहित शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मी व काफ संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थी.

पूर्व प्राध्यापकों व कर्मियों का सम्मान

सुलतानगंज. मुरारका कॉलेज के 72वें स्थापना दिवस पर कॉलेज के पूर्व प्राध्यापकों व सेवानिवृत्त कर्मियों को सम्मानित किया गया. प्रभारी प्राचार्य डॉ नागेंद्र तिवारी ने अंगवस्त्र भेंट कर सभी को सम्मानित किया. सम्मानित होने वालों में पूर्व प्राध्यापक प्रो अनंत पाठक (अर्थशास्त्र), प्रो कामेश्वर बागवे (भूगोल), प्रो रवींद्र सिंह (केमेस्ट्री), प्रो परमानंद राय (अंग्रेजी), प्रो शुभतोष बागची (भौतिकी) तथा सेवानिवृत्त कर्मचारी कैलाश प्रसाद यादव, रामजी राम, अर्जुन यादव, मंजूर अंसारी, योगेंद्र शर्मा और ललित झा शामिल थे. प्रभारी प्राचार्य ने कहा कि शिक्षकों को सम्मानित करते हुए मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं. शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते, वह केवल कक्षा से विश्राम लेते हैं. कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के लाइब्रेरियन ललित कुमार झा की पुस्तक महफिल-ए-शायरीका लोकार्पण किया गया. 1960 बैच के छात्र डॉ अमर कुमार सिंह, जो बाद में विद्यालय के प्राचार्य थे. उन्होने पत्रिका “मानवी” का अंक-19 प्राचार्य को भेंट किया.समारोह में कई शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी तथा काफी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थी.

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By JITENDRA TOMAR

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