BAU News: बीएयू में पीजी महिला टीम ने 9 विकेट से यूजी की टीम को दी शिकस्त

बीएयू में आयोजित महिला क्रिकेट टूर्नामेंट के तहत मंगलवार को फाइनल मैच बिहार कृषि कॉलेज सबौर की पीजी की टीम और यूजी टीम के बीच खेला गया

प्रतिनिधि, सबौर

बीएयू में आयोजित महिला क्रिकेट टूर्नामेंट के तहत मंगलवार को फाइनल मैच बिहार कृषि कॉलेज सबौर की पीजी की टीम और यूजी टीम के बीच खेला गया. इसमें यूजी टीम ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया और निर्धारित आठ ओवर में पांच विकेट खोकर 52 रन बनायी. वहीं लक्ष्य का पीछा करने उतरी पीजी की टीम 6.5 ओवर में एक विकेट खोकर 53 रन बनाकर जीत दर्ज की. टाॅप स्कोरर रूबी कुमारी तथा रिचा रघुवंशी को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया. महिला क्रिकेट प्रतियोगिता-2024 का खिताब पीजी व पीएचडी की टीम ने हासिल किया. महिला क्रिकेट प्रतियोगिता अब प्रतिवर्ष करायी जायेगा.

बागवानी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए कुलपति को मिला सम्मान

बीएयू के कुलपति डॉ डीआर सिंह को जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय गुजरात में कृषि और बागवानी शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए अमीत प्रबुद्ध मनीषी पुरस्कार-2024 से मंगलवार को सम्मानित किया गया. जेएयू के सहयोग से सीएचएआइ, नयी दिल्ली द्वारा खाद्य पोषण और उद्यमिता के लिए डिजिटल बागवानी का आयोजन किया गया.

बीएयू में दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

बिहार कृषि विश्वविद्यालय में मंगलवार को सस्य विज्ञान एवं मृदा विज्ञान के ऑन फार्म ट्रायल को अंतिम रूप देने को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सह निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ आरएन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किया गया. जिसका विधिवत उद्घाटन संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया. कार्यशाला में देश के विभिन्न कोनों से आए कृषि वैज्ञानिकों ने अपनी-अपनी सलाह दी. इस कार्यशाला में जोन-IV में आने वाले सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के विषय वस्तु विशेषज्ञों ने भाग लिया. इस अवसर पर आसाम कृषि विश्वविद्यालय आसाम के डाॅ एचसी भट्टाचार्या, डाॅ डीवी सिंह, डाॅ राकेश कुमार, डाॅ एसके सिंह सहित अन्य नामचीन वैज्ञानिकों ने कार्यशाला को संबोधित किया. वैज्ञानिकों ने कृषि के गहन पहलुओं को वैज्ञानिक तौर पर समझने की सलाह दी. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के निदेशक प्रशासन, निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, केवीके सबौर के सह-निदेशक मौजूद थे. धन्यवाद ज्ञापन प्रमुख वैज्ञानिक डॉ एसके पाठक ने किया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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