भागलपुर जिले के इमामपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 3 से जमीनी विकास के बड़े-बड़े दावों को मुंह चिढ़ाती एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. हाल ही में हुई बारिश के बाद पूरे इलाके में भारी जलजमाव और नाली जाम की विकट समस्या पैदा हो गई है. आलम यह है कि स्कूली बच्चों को हर दिन गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे न सिर्फ हादसों की आशंका बढ़ गई है बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है.
भीग रहे जूते और यूनिफॉर्म, बीमारियों की आशंका
इमामपुर पंचायत के इस वार्ड में जल निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं होने से स्थिति बदतर हो चुकी है:
- सड़कों का जर्जर हाल: मोहल्ले की अंदरूनी गलियों और सड़कों की हालत बेहद जर्जर है. थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं.
- पढ़ाई पर असर: स्कूल जाने के दौरान बच्चों के कपड़े, जूते और बैग पूरी तरह भीग जाते हैं.
- स्वास्थ्य सुरक्षा पर खतरा: गंदे और दूषित पानी में जहरीले कीड़े-मकोड़ों का डर तो है ही, साथ ही डेंगू, मलेरिया और त्वचा रोगों (Skin Infection) का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है.
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अभिभावकों में भारी आक्रोश
इलाके के अभिभावक और ग्रामीण अब इस नारकीय स्थिति से तंग आ चुके हैं. ग्रामीणों ने स्थानीय प्रतिनिधियों की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
"हम कई बार इस बदहाली और नाली जाम की समस्या को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों और जिम्मेदार लोगों से गुहार लगा चुके हैं. हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता. हमारे बच्चों का भविष्य और स्वास्थ्य दोनों दांव पर लगा है."
ग्रामीणों की मांग: जल्द कराई जाए जल निकासी की व्यवस्था
समस्या की विकरालता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, प्रखंड विकास पदाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों से अविलंब हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है.
ग्रामीणों की मांग है कि स्कूल के मुख्य मार्ग और आसपास की गलियों से तुरंत जल निकासी कराई जाए तथा जर्जर सड़क व नालियों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि छोटे-छोटे बच्चे बिना किसी भय के सुरक्षित स्कूल आ-जा सकें.
