इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने प्रदेश में पहली सेमिकंडक्टर पॉलिसी 2026 और वैश्विक क्षमता केंद्र नीति 2026 को मंजूरी देने को लेकर बिहार सरकार के निर्णय का स्वागत किया. एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आलोक अग्रवाल व निवर्तमान अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने कहा कि इन नीतियों का उद्देश्य बिहार को पूर्वी भारत का तकनीकी और औद्योगिक हब बनाना है. इसे बिहार के औद्योगीकरण तथा विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया. सेमीकंडक्टर नीति के तहत राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत सब्सिडी, भूमि उपलब्धता और कर रियायतें दी जायेगी. सरकार का अनुमान है कि इस क्षेत्र में लगभग 25,000 करोड़ का निवेश आकर्षित होगा और दो लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा. वहीं वैश्विक क्षमता केंद्र नीति के अंतर्गत कॉल सेंटर, वित्तीय सेवाएं और परामर्श कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जायेगा. कंपनियों को 50 करोड़ तक की सब्सिडी उपलब्ध करायी जायेगी. इससे लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. आलोक अग्रवाल ने कहा कि भागलपुर, जो पहले से ही सिल्क सिटी के रूप में प्रसिद्ध है. इन नीतियों से विशेष लाभान्वित हो सकता है.
bhagalpur news. सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026 व वैश्विक क्षमता केंद्र नीति बिहार के औद्योगीकरण के लिए ऐतिहासिक कदम
इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने प्रदेश में पहली सेमिकंडक्टर पॉलिसी 2026 और वैश्विक क्षमता केंद्र नीति 2026 को मंजूरी देने को लेकर बिहार सरकार के निर्णय का स्वागत किया
