सिल्क सिटी भागलपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने अब किसानों की चिंता बढ़ा दी है. लगातार हो रहे वर्षापात से एक ओर जहां गंगा नदी का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले के कई प्रखंडों में धान के खेतों में पानी लबालब भर गया है. शुरुआती दौर में धान की रोपनी के लिए यह बारिश वरदान साबित हो रही थी, लेकिन अब अत्यधिक जलभराव से फसलों के गलने और नष्ट होने का खतरा मंडराने लगा है. विशेषकर नाथनगर प्रखंड के कई दियारा इलाकों में बाढ़ और बारिश का पानी खेतों में घुस जाने से धान की फसल डूबने के कगार पर पहुंच गई है. मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों में भी मेघ गर्जन के साथ भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है.
जरूरत से ज्यादा पानी बना मुसीबत, नाथनगर दियारा में संकट गहराया
लगातार हो रही बारिश से कृषि क्षेत्र पर दोहरा संकट खड़ा हो गया है:
- धान की फसल पर खतरा: कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान को पानी की आवश्यकता जरूर होती है, लेकिन लगातार कई दिनों तक पौधे पूरी तरह जलमग्न रहने से उनकी जड़ें गलने लगती हैं और तना कमजोर हो जाता है.
- नाथनगर दियारा जलमग्न: नाथनगर के निचले और दियारा क्षेत्रों में गंगा नदी के बैकवाटर और मानसूनी बारिश के मिलने से खेत तालाब में तब्दील हो चुके हैं. कई एकड़ में लगी फसलें पानी के तेज बहाव और अत्यधिक जलजमाव की चपेट में आ चुकी हैं.
भागलपुर: मौसमी स्थिति व कृषि प्रभाव का विवरण
| प्रमुख पहलू (Key Factors) | वर्तमान स्थिति एवं प्रभाव (Current Status & Impact) |
| वर्षा की स्थिति | पिछले चार दिनों से रुक-रुककर मूसलाधार बारिश जारी |
| गंगा नदी का रुख | जलस्तर में तीव्र वृद्धि, तटीय व दियारा क्षेत्रों में पानी का फैलाव |
| सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र | नाथनगर दियारा, सबौर, कहलगांव व जगदीशपुर के निचले इलाके |
| फसल की स्थिति | खेतों में अत्यधिक पानी भरने से धान की रोपी गई फसल के डूबने की आशंका |
| मौसम का रुख | बीएयू सबौर मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार |
| तापमान व राहत | तापमान में गिरावट, तीखी उमस भरी गर्मी से आमजन को राहत |
BAU सबौर मौसम विभाग का अलर्ट: अभी और बरसेंगे बदरा
बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर के मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी की है:
- आसमान में घने काले बादल: शुक्रवार सुबह से ही आसमान में घने मानसूनी बादलों का पहरा है. वायुमंडलीय दबाव के चलते जिले में किसी भी समय तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा हो सकती है.
- शहरी जनजीवन प्रभावित: गुरुवार को हुई लगातार बारिश से शहर के कई प्रमुख मुहल्लों, सड़कों और बाजारों में भारी जलजमाव हो गया था. यदि आगामी 48 घंटों में बारिश का दौर नहीं थमा तो शहर में जलनिकासी की समस्या और विकराल हो सकती है.
- उमस से राहत, पर किसानों की सांसें अटकीं: लगातार झमाझम बारिश से पारे में गिरावट आने से आम नागरिकों को उमस भरी चिपचिपी गर्मी से पूरी तरह राहत मिल गई है, लेकिन अन्नदाता अब बादलों के थमने की दुआ कर रहे हैं ताकि उनकी महीनों की मेहनत डूबने से बच सके.
