19 अगस्त तक बदलेगा मौसम: बक्सर, गया और रोहतास में भारी बारिश का अलर्ट; BAU सबौर ने जारी की किसानों के लिए खास एडवाइजरी

बिहार में 15 से 19 अगस्त के बीच मौसम में बड़े बदलाव की संभावना है. कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर ने किसानों के लिए विशेष कृषि परामर्श भी जारी किया है.

बिहार में मॉनसून की सक्रियता के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा ने 15 से 19 अगस्त के लिए ताजा मौसम पूर्वानुमान और कृषि परामर्श जारी किया है. पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं व हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है. वहीं बक्सर, गया, रोहतास और कैमूर जिलों में 15 से 17 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी डॉ. बीरेंद्र कुमार ने खरीफ फसलों, विशेषकर धान और मक्के के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश साझा किए हैं.

15 से 19 अगस्त का मौसम पूर्वानुमान: एक नजर में

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अवधि में मौसमी गतिविधियों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा:

  • भारी बारिश वाले जिले: 15 से 17 अगस्त के दौरान बक्सर, गया, रोहतास और कैमूर में भारी वर्षा की प्रबल संभावना है.
  • तापमान का स्तर: अधिकतम तापमान 35 से 36°C और न्यूनतम तापमान 28 से 29°C के आसपास रहने का अनुमान है.
  • हवा की गति व दिशा: 5 से 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पूरबा (पूर्वी) हवा चलने की संभावना है.
  • आर्द्रता (Humidity): सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत तथा दोपहर में 65 से 75 प्रतिशत तक दर्ज की जा सकती है.

किसानों के लिए मौसम आधारित विशेष कृषि परामर्श (BAU सबौर)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी डॉ. बीरेंद्र कुमार ने धान और खरीफ मक्का के बेहतर उत्पादन के लिए निम्नलिखित वैज्ञानिक उपाय अपनाने की सलाह दी है:

1. धान की खेती के लिए जरूरी टिप्स:

  • सुगंधित किस्मों की रोपाई: धान की सुगंधित किस्मों की रोपाई को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें.
  • एल्गी कल्चर का उपयोग: रोपाई वाले खेतों में 10 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से 'एल्गी कल्चर' (Algae Culture) का प्रयोग करें.
  • जल जमाव बनाए रखें: रोपे गए धान के खेतों में पर्याप्त नमी और जल जमाव बनाए रखना सुनिश्चित करें.
  • यूरिया का उपरिवेशन (Top Dressing):

2. खरीफ मक्का के लिए दिशा-निर्देश:

  • नत्रजन की शेष मात्रा: मक्के में 'धनबाल' (Tasseling) निकलने के समय खरपतवार निकालने के बाद ही नत्रजन की शेष मात्रा यूरिया के रूप में दें.
  • खरपतवार नियंत्रण: मक्के की क्यारियों को पूरी तरह खरपतवार मुक्त रखें ताकि पौधों को भरपूर पोषण मिल सके.


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लेखक के बारे में

By ललित किशोर मिश्र

ललित किशोर मिश्र प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से व डिजिटल माध्यम में पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, रेलवे और परिहवन में रुचि रखते हैं.

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