असिस्टेंट प्राेफेसर नियुक्ति में गड़बड़ी के आराेपाें की हाईकाेर्ट में चल रही सुनवाई में मंगलवार काे चार आराेपाें काे प्रमुखता से उठाया गया. अलग-अलग आवेदकाें की याचिकाओं काे समेकित रूप से प्रस्तुत करने के लिए बनाये गये नाेडल अधिकारी ने काेर्ट में किसी चयन समिति काे अधिकतम तीन साल तक ही वैध माने जाने, अनुभव प्रमाणपत्र और पेपर पब्लिकेशन में अंकाें के वेटेज में गड़बड़ी सहित फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र पर भी अंक दे दिये जाने के आराेपाें काे रखा. इसके बाद काेर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 23 फरवरी की तिथि तय की. काेर्ट ने पिछली सुनवाई में इन मामलाें से जुड़े आवेदनाें के आराेपाें की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग वर्गीकृत कर पेश करने काे कहा था. इसकाे लेकर मंगलवार की कार्यवाही हुई. दूसरी ओर टीएमबीयू में राजनीति विज्ञान विषय के अभ्यर्थी डॉ आनंद आजाद ने बताया कि आयोग ने नियुक्ति के दौरान आलेख व अनुभव में अंक देने में मनमानी की है.
bhagalpur news. असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति मामले में अगली सुनवाई 23 को
असिस्टेंट प्राेफेसर नियुक्ति में गड़बड़ी के आराेपाें की हाईकाेर्ट में चल रही

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