विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के पावन अवसर पर बुधवार की शाम सुलतानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा तट पर आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अलौकिक संगम देखने को मिला. जिला प्रशासन के सौजन्य से 'जाह्नवी गंगा महाआरती महासभा' के तत्वावधान में अजगैवीनाथ मंदिर घाट और नमामि गंगे घाट पर बनारस की तर्ज पर अलौकिक एवं भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया.
बनारस की तर्ज पर सजी महाआरती की दिव्य छटा
महाआरती के संयोजक संजीव झा ने बताया कि पवित्र गंगा नदी के तट पर बनारस की तर्ज पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया.
- वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा घाट: आचार्यों और पंडितों द्वारा "जय गंगे माता", शिव तांडव स्तोत्र के पाठ और गगनभेदी शंखध्वनि के बीच महाआरती संपन्न कराई गई.
- श्रद्धालुओं का जनसैलाब: महाआरती की यह अलौकिक छटा देखने के लिए न केवल देश के कोने-कोने से आए हजारों कांवरियों की भीड़ उमड़ी, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु भी मां गंगा की आराधना में शामिल हुए.
सांस्कृतिक संध्या में शिव भजनों पर झूमते रहे कांवरिया
महाआरती के उपरांत असरगंज के समीप स्थित धांधी-बेलारी महाशिविर और नमामि गंगे घाट के सांस्कृतिक मंच पर भव्य भक्तिमय सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ:
सांस्कृतिक रंग: "मंच पर कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक मनमोहक शिव भजनों और पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुतियां दी गईं. भक्ति गीतों की मधुर धुन पर कांवरिया देर रात तक झूमते रहे और श्रावणी मेले के आध्यात्मिक माहौल का भरपूर आनंद लिया."
गंगा तट की इस मनमोहक रोशनी, धूप-दीप की सुवास और भजनों की स्वर लहरी ने पूरे सुलतानगंज क्षेत्र को पूरी तरह शिवमय और भक्तिमय बना दिया.
