विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के सातवें दिन सुल्तानगंज के ऐतिहासिक अजगैबीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भक्ति और अनोखी आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से पहुंचे लगभग एक दर्जन शिवभक्त कांवरियों के जत्थे ने भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा के साथ यात्रा कर सबका ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया. नमामि गंगे घाट पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और स्नान के बाद कांवरियों का यह दल 'बोल बम' के जयकारों के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए रवाना हो गया.
विघ्नहर्ता गणेश जी की प्रतिमा संग देवघर यात्रा
गाजीपुर से आए शिवभक्तों के इस दल ने नमामि गंगे घाट पर उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल अपने जलपात्रों में भरा. श्रद्धालुओं ने बताया कि भगवान शिव की नगरी देवघर जाने से पूर्व विघ्नहर्ता भगवान गणेश की प्रतिमा को साथ लेकर यात्रा करने की विशेष परंपरा रही है:
श्रद्धालुओं का संदेश: "भगवान गणेश प्रथम पूज्य हैं. उनकी प्रतिमा के साथ कांवर यात्रा करने से मार्ग की सभी बाधाएं दूर होती हैं और यात्रा निर्विघ्न एवं सुखद रूप से पूर्ण होती है."
गाजीपुर के ये शिवभक्त जत्थे में रहे शामिल
भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ पैदल कांवर यात्रा पर निकले दल में प्रमुख रूप से:
- शामिल श्रद्धालु: कमलेश सोनकर, रामू निषाद, शिव निषाद, मुन्ना निषाद, सुनील निषाद, दीपक निषाद, विकास निषाद, सूर्य निषाद और उज्ज्वल निषाद समेत अन्य शिवभक्त शामिल थे.
'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान हुआ अजगैबीनाथ धाम
श्रावणी मेले के अवसर पर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत देश के विभिन्न कोनों से रोजाना लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं. उत्तरवाहिनी गंगा तट और अजगैबीनाथ मंदिर परिसर में दिन-रात श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. पूरा मेला क्षेत्र गेरुआ वस्त्रधारी कांवरियों और 'बोल बम' व 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है.
