बहुप्रतीक्षित गंगा जल लिफ्ट सिंचाई परियोजना अब धरातल पर उतरती नजर आने लगी है. शुक्रवार को कमरगंज में इंटकवेल (जल उठाव केंद्र) निर्माण कार्य को लेकर विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई. परियोजना से जुड़े सहायक मैनेजर अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पूजा के उपरांत इंटकवेल निर्माण एवं गार्डवाल निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा. कहा कि परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है. मौके पर बीडीओ संजीव कुमार, जल संसाधन विभाग खड़गपुर के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर तोहिब आलम, प्रोजेक्ट मैनेजर किशोर सिंह हनुमान सहित कंपनी के अन्य अधिकारी मौजूद थे. बताया कि कमरगंज में 18 रैयत किसानों के बीच अंतिम नोटिस का वितरण कर दिया गया है. किसानों के लिए मुआवजा राशि का निर्धारण भी हो चुका है और जल्द ही भुगतान प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
करीब 1627 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह महत्वाकांक्षी योजना क्षेत्र के कृषि परिदृश्य को बदलने वाली मानी जा रही है. परियोजना के तहत बाढ़ के दौरान गंगा नदी के अतिरिक्त जल को संरक्षित कर बांका के बडुआ जलाशय और मुंगेर के खड़गपुर जलाशय तक पहुंचाया जाएगा. इससे सूखे के समय किसानों को वर्षभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा. गनगनिया और कमरगंज मौजा की अधिग्रहित भूमि के लिए लगभग 54 करोड़ 12 लाख 86 हजार 140 रुपये का अनुमानित प्राक्कलन तैयार किया गया है. भूमि अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया में तेजी आने से स्थानीय किसानों में उम्मीद जगी है कि यह परियोजना कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उनकी आय में भी सुधार लाएगी. स्थानीय लोगों का मानना है कि गंगा जल लिफ्ट सिंचाई परियोजना क्षेत्र के विकास और किसानों की खुशहाली के लिए मील का पत्थर साबित होगी.
