सुलतानगंज रेलवे स्टेशन पर बहुप्रतीक्षित तीसरे फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) के निर्माण को लेकर शुक्रवार की रात मेगा गर्डर लॉन्चिंग ऑपरेशन शुरू हो गया. रात 9:50 बजे से 2:20 बजे तक विशेष ट्रैफिक और पावर ब्लॉक लेकर रेलवे द्वारा यह हाईटेक तकनीकी कार्य कराया जा रहा है. स्टेशन परिसर पूरी रात इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और भारी मशीनों की गतिविधियों से गुलजार रहा. करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह नया एफओबी स्टेशन के पुराने दोनों पुलों से कहीं अधिक चौड़ा, मजबूत और आधुनिक होगा. 12 मीटर चौड़े इस पुल को श्रावणी मेला से पहले हर हाल में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि लाखों कांवरियों और यात्रियों को सुरक्षित व सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके. इस महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य को सफल बनाने के लिए रेलवे अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की पूरी टीम स्टेशन पर कैंप कर रही है. मौके पर मालदा मंडल के गति शक्ति यूनिट के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश रंजन, डिप्टी चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज कुमार, एईएन रणवीर सिंह, आइओडब्ल्यू रंधीर कुमार, समरेश कुमार भगत, सिविल सुपरवाइजर कौशलेंद्र कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे. रेल अधिकारियों के अनुसार, लॉन्चिंग कार्य के दौरान हर तकनीकी बिंदु पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि सुरक्षा और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हो सके. ढाई सौ टन क्षमता वाले क्रेन से चढ़ा गर्डर
गर्डर लॉन्चिंग के लिए स्टेशन पर करीब 250 टन क्षमता वाला विशाल क्रेन लगाया गया है. भारी-भरकम स्टील गर्डरों को देर रात प्लेटफॉर्म के ऊपर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई. रेल विभाग के सिविल सुपरवाइजर कौशलेंद्र कुमार ने बताया कि पहले चरण में स्पैन-2 के 11 गर्डर चढ़ाए जा रहे हैं, जो प्लेटफॉर्म संख्या दो, तीन और चार को आपस में जोड़ेंगे. इसकी लंबाई 23.380 मीटर है. शनिवार रात भी लॉन्चिंग कार्य जारी रहेगा. ट्रेनों पर भी पड़ा असररेलवे ने विशेष ब्लॉक लिया है. इसके कारण भागलपुर-जमालपुर डीएमयू ट्रेन रद्द रही, जबकि हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस को री-शेड्यूल किया गया है. रेलवे ने यात्रियों से सहयोग की अपील की है.
सुरक्षा के व्यापक इंतजामस्टेशन प्रबंधक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि गर्डर लॉन्चिंग के दौरान सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं. मेडिकल टीम को अलर्ट मोड में रखा गया है, जबकि रेलवे सुरक्षा बल और रेल पुलिस की विशेष तैनाती की गई है. पूरे ऑपरेशन को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने पर विशेष फोकस किया जा रहा है.
