नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है. जल संसाधन विभाग द्वारा 5 अगस्त को जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस्माईलपुर-बिंदटोली, राघोपुर, मदरौनी और चोरहर—इन चारों प्रमुख स्थलों पर जलस्तर बढ़ा है. कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंधों के टो (निचले हिस्से) को छूने लगा है, जिससे तटीय इलाकों में रह रहे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. हालांकि, राहत की बात यह है कि सभी स्थानों पर नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
चारों स्थलों पर जलस्तर और तटबंधों की स्थिति
जल संसाधन विभाग के अनुसार 24 घंटे में दर्ज की गई स्थिति इस प्रकार है:
- इस्माईलपुर-बिंदटोली (गंगा नदी - स्पर संख्या 7):
- राघोपुर (गंगा नदी):
- मदरौनी (कोसी नदी):
- जेबी चोरहर (कोसी नदी):
जलस्तर की त्वरित तुलनात्मक स्थिति (तालिका)
| स्थान (नदी) | वर्तमान जलस्तर | 24 घंटे में वृद्धि | चेतावनी स्तर | खतरे का स्तर | स्थिति |
| इस्माईलपुर-बिंदटोली (गंगा) | 29.43 मीटर | 9 सेमी | 30.60 मीटर | 31.60 मीटर | टो तक पानी, सुरक्षित |
| राघोपुर (गंगा) | 30.47 मीटर | 5 सेमी | 32.68 मीटर | 33.68 मीटर | टो तक पानी, सुरक्षित |
| मदरौनी (कोसी) | 29.45 मीटर | 8 सेमी | 30.48 मीटर | 31.48 मीटर | नियंत्रण में, सुरक्षित |
| जेबी चोरहर (कोसी) | 30.35 मीटर | 10 सेमी | 30.77 मीटर | 31.77 मीटर | टो तक पानी, सुरक्षित |
विभाग ने बढ़ाई निगरानी, तटबंधों पर चौकसी तेज
जलस्तर में दोबारा हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कटाव या किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए फ्लड फाइटिंग सामग्रियां स्थलों पर तैयार रखी गई हैं और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है.
