भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में एक बार फिर से बढ़ोतरी दर्ज की गई है. लगातार उफान मार रही नदियों के कारण कई स्थानों पर पानी तटबंध के टो (निचले हिस्से) को छूने लगा है, जिससे तटबंध किनारे बसे लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं. गुरुवार सुबह जारी विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, इस्माईलपुर-बिंदटोली, राघोपुर और मदरौनी में जलस्तर में वृद्धि हुई है. हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल सभी तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
इस्माईलपुर-बिंदटोली में चेतावनी स्तर के पार पहुंची गंगा
नवगछिया अनुमंडल में गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के भीतर तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस्माईलपुर-बिंदटोली उपखंड-4 में स्पर संख्या सात पर गंगा के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है और यह 30.95 मीटर पर पहुंच गया है. यहां नदी का चेतावनी स्तर 30.60 मीटर है, जिसका अर्थ है कि गंगा फिलहाल चेतावनी स्तर से 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 31.60 मीटर पर है. विभाग के अनुसार, इस स्थान पर तटबंध सुरक्षित है, लेकिन गंगा का पानी तटबंध के टो को लगातार छू रहा है.
राघोपुर और जेबी चोरहर साइट पर भी पानी का दबाव
राघोपुर उपखंड-2 में भी गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में करीब 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यहां जलस्तर 32.02 मीटर तक पहुंच गया है, जो चेतावनी स्तर (32.68 मीटर) से 66 सेंटीमीटर और खतरे के निशान (33.68 मीटर) से 1.66 मीटर नीचे है. काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध को फिलहाल सुरक्षित बताया गया है, लेकिन यहां भी नदी का पानी बांध के टो से टकरा रहा है. वहीं, जेबी चोरहर साइट पर गंगा का जलस्तर 30.60 मीटर दर्ज किया गया है. हालांकि यहां स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बागजान जमींदारी बांध के विभिन्न स्थानों पर गंगा का पानी तटबंध के टो को छू रहा है, जिसके कारण संवेदनशील बिंदुओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है.
बैक वाटर के कारण मदरौनी में कोसी के जलस्तर में वृद्धि
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का सीधा असर कोसी नदी पर भी देखने को मिल रहा है. मदरौनी में कोसी नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर की वृद्धि के साथ 30.13 मीटर दर्ज किया गया. विभाग का स्पष्ट कहना है कि कोसी के जलस्तर में हो रही यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से गंगा नदी के उफान के कारण उत्पन्न बैक वाटर के प्रभाव से हो रही है. यहां चेतावनी स्तर 30.48 मीटर और खतरे का निशान 31.48 मीटर है. मदरौनी तटबंध फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित है और राहत की बात यह है कि यहां नदी का पानी अभी टो को नहीं छू रहा है. लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विभाग द्वारा चारों स्थलों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है.
