नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में गुरुवार को गंगा और कोसी नदियों के जलस्तर में भिन्न-भिन्न स्थिति देखने को मिली. जहां एक ओर इस्माईलपुर-बिंद टोली में गंगा का जलस्तर बढ़कर चेतावनी स्तर को पार कर गया है, वहीं दूसरी ओर राघोपुर और मदरौनी में कोसी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है. जल संसाधन विभाग की टीम लगातार तटबंधों की सुरक्षा और निगरानी में जुटी हुई है.
इस्माईलपुर-बिंद टोली में गंगा का जलस्तर 5 सेमी बढ़ा
इस्माईलपुर-बिंद टोली स्थित स्पर संख्या-7 के समीप गुरुवार सुबह गंगा का जलस्तर 30.63 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें पिछले 24 घंटों के दौरान 5 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है. यह जलस्तर 30.60 मीटर के चेतावनी स्तर से 3 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है, जबकि यहां खतरे का निशान 31.60 मीटर है. नदी का पानी तटबंध के टो-टचिंग हिस्से को छू रहा है, हालांकि विभागीय अधिकारियों ने स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित बताया है.
चोरहर में चेतावनी स्तर से 8 सेमी ऊपर बह रही कोसी
जेबी चोरहर साइट पर कोसी नदी का जलस्तर 30.85 मीटर दर्ज किया गया, जो 30.77 मीटर के चेतावनी स्तर से 8 सेंटीमीटर अधिक है. चोरहर में खतरे का स्तर 31.77 मीटर निर्धारित है. बगजान जमींदारी बांध के विभिन्न हिस्सों में नदी का पानी तटबंध के निचले (टो-टचिंग) हिस्से को स्पर्श कर रहा है. विभाग ने इस साइट को फिलहाल नियंत्रण में और सुरक्षित बताया है.
राघोपुर और मदरौनी में घटी कोसी, मिली राहत
तटबंध के अन्य इलाकों में जलस्तर में कमी आने से थोड़ी राहत मिली है:
- राघोपुर: यहां कोसी का जलस्तर 31.60 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 24 घंटे में 8 सेंटीमीटर की कमी आई है. हालांकि, काजीकोरैया राघोपुर मार्जिनल बांध सुरक्षित है, लेकिन पानी टो-टचिंग हिस्से को छू रहा है.
- मदरौनी: मदरौनी में कोसी का जलस्तर 3 सेंटीमीटर घटकर 30.22 मीटर पर आ गया है, जो चेतावनी स्तर (30.48 मीटर) से नीचे है. यहां पानी तटबंध तक नहीं पहुंचा है.
तटबंधों पर गश्त तेज, अलर्ट पर जल संसाधन विभाग
गंगा और कोसी के जलस्तर में जारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अभियंता और कर्मचारी तटबंधों की सतत निगरानी कर रहे हैं. कई स्थानों पर पानी तटबंध के निचले हिस्से से टकरा रहा है, जिसे देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
