गोपालपुर (भागलपुर) : गंगा और कोसी के लगातार बढ़े जलस्तर ने नवगछिया अनुमंडल में तटबंधों पर दबाव बढ़ा दिया है. इस्माईलपुर-बिंद टोली से लेकर राघोपुर, मदरौनी और जेबी चोरहर तक कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंधों के टो तक पहुंच गया है. संवेदनशील हिस्सों में सीपेज और बड़े-बड़े रेनकट की स्थिति ने जल संसाधन विभाग की चुनौती बढ़ा दी है. शुक्रवार को विभिन्न स्थलों पर गंगा और कोसी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास रहा.
स्पर 8-9 के बीच सीपेज, तटबंध पर बड़े रेनकट
इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध पर स्थिति विशेष रूप से संवेदनशील बनी हुई है. स्पर संख्या 8 और 9 के बीच तटबंध के कई हिस्सों में सीपेज हो रहा है, जबकि जगह-जगह बड़े रेनकट भी हो गये हैं. गंगा का पानी तटबंध के टो को छू रहा है.
स्थिति को देखते हुए संवेदनशील हिस्सों में फ्लड फाइटिंग कार्य कराया जा रहा है. मजदूरों और आवश्यक संसाधनों को लगाकर तटबंध को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है.
स्पर संख्या 7 पर स्थिति :
- गंगा का जलस्तर : 32.21 मीटर
- खतरे का निशान : 31.60 मीटर
- खतरे के निशान से : 61 सेंटीमीटर ऊपर
- पिछले 12 घंटे में : जलस्तर स्थिर
विभागीय रिपोर्ट में तटबंध को सुरक्षित बताया गया है, लेकिन नदी के पानी का टो तक पहुंचना लगातार दबाव की स्थिति को दर्शा रहा है.
राघोपुर में खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर नीचे गंगा
काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध पर भी गंगा का दबाव बना हुआ है. शुक्रवार सुबह छह बजे यहां जलस्तर 33.21 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 33.68 मीटर है. यानी नदी खतरे के निशान से महज 47 सेंटीमीटर नीचे बह रही है. यहां भी पानी बांध के टो को छू रहा है.
राघोपुर का जलस्तर :
- जलस्तर : 33.21 मीटर
- खतरे का निशान : 33.68 मीटर
- अंतर : 47 सेंटीमीटर
- पिछले 12 घंटे में : जलस्तर स्थिर
हाल में राघोपुर तटबंध के क्षतिग्रस्त होने की घटना के बाद नदी के बढ़ते दबाव ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है. विभाग ने फिलहाल बांध को सुरक्षित बताया है.
मदरौनी में कोसी डेंजर लेवल से सिर्फ 30 सेंटीमीटर नीचे
मदरौनी में कोसी नदी का जलस्तर 31.18 मीटर दर्ज किया गया. यहां खतरे का निशान 31.48 मीटर है. यानी कोसी नदी डेंजर लेवल से महज 30 सेंटीमीटर नीचे बह रही है. नदी का पानी यहां भी तटबंध के टो को छू रहा है.
हालांकि तटबंध को विभाग ने सुरक्षित बताया है, लेकिन बाहर की स्थिति गंभीर बनी हुई है. कोसी का पानी दर्जनों गांवों में फैल चुका है, जिससे जनजीवन प्रभावित है. राहत की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बाढ़ प्रभावित परिवारों की परेशानी बढ़ गयी है.
कई परिवार रेलवे स्टेशन और रेल पटरी पर शरण लेने को मजबूर हैं. बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ खुले में रह रहे लोगों को अब सुरक्षित स्थान और पर्याप्त राहत का इंतजार है.
जेबी चोरहर में भी तटबंध के टो तक पहुंचा पानी
जेबी चोरहर में शुक्रवार सुबह छह बजे कोसी का जलस्तर 31.30 मीटर दर्ज किया गया. यहां खतरे का निशान 31.77 मीटर है. नदी खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर नीचे बह रही है.
जल संसाधन विभाग ने स्थल को फिलहाल सुरक्षित और नियंत्रण में बताया है. हालांकि विभागीय रिपोर्ट में नगरपारा तटबंध और बागजान जमींदारी बांध के कई हिस्सों में पानी के टो तक पहुंचने की बात दर्ज की गयी है.
एक नजर में चार संवेदनशील इलाके
| स्थान | जलस्तर | खतरे का निशान | स्थिति |
| स्पर-7 | 32.21 मीटर | 31.60 मीटर | 61 सेमी ऊपर |
| राघोपुर | 33.21 मीटर | 33.68 मीटर | 47 सेमी नीचे |
| मदरौनी | 31.18 मीटर | 31.48 मीटर | 30 सेमी नीचे |
| जेबी चोरहर | 31.30 मीटर | 31.77 मीटर | 47 सेमी नीचे |
तटबंधों पर दबाव, निगरानी जरूरी
चारों प्रमुख स्थलों पर नदी का पानी तटबंधों के निचले हिस्से यानी टो तक पहुंच चुका है. एक ओर विभाग तटबंधों को सुरक्षित बता रहा है, वहीं सीपेज, बड़े रेनकट और टो तक पहुंचता पानी बाढ़ की गंभीरता की तस्वीर पेश कर रहे हैं.
संवेदनशील हिस्सों में फ्लड फाइटिंग कार्य जारी है, लेकिन जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी भी स्थिति को और गंभीर कर सकती है. ऐसे में तटबंधों की लगातार निगरानी और समय रहते बचाव कार्य जरूरी है.
