भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत गोपालपुर प्रखंड और आसपास के इलाकों में गंगा और कोसी नदियों के रौद्र रूप ने तटवर्ती क्षेत्रों में भीषण तबाही की आशंका पैदा कर दी है. शुक्रवार को दोनों नदियों के जलस्तर में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई, जिससे राघोपुर में स्थिति अत्यंत संवेदनशील और संकटपूर्ण बनी हुई है. राघोपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 18 सेंटीमीटर दूर रह गया है और नदी की तेज धारा सीधे तटबंध के 'टो' (निचले हिस्से) पर दबाव बना रही है. वहीं, स्परों के लिए संवेदनशील माने जाने वाले इस्माईलपुर-बिंदटोली में गंगा खतरे के निशान को पार करते हुए 80 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. कोसी नदी भी मदरौनी में खतरे के लाल निशान से सिर्फ सात सेंटीमीटर नीचे हिलोरे मार रही है, जिससे ग्रामीणों की सांसें अटकी हुई हैं.
राघोपुर में लगातार बढ़ रहा जलस्तर, स्थिति चिंताजनक
गंगा के बढ़ते दबाव ने प्रशासनिक अमले की नींद उड़ा दी है:
- खतरे के निशान के करीब: राघोपुर में गंगा का जलस्तर 33.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया है, जबकि यहां खतरे का निशान 33.68 मीटर निर्धारित है.
- 12 घंटे में 5 सेमी की बढ़ोतरी: पिछले 12 घंटों के दौरान यहां जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की तीव्र वृद्धि हुई है. पानी तटबंध के सुरक्षात्मक टो को छूते हुए तेजी से ऊपर चढ़ रहा है, जिससे इलाके में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है.
विभिन्न प्रमुख स्थलों पर नदियों का जलस्तर डेटा
जल संसाधन विभाग द्वारा जारी ताजा माप और स्थिति:
| प्रमुख स्थल (Location) | नदी (River) | वर्तमान जलस्तर (Current Level) | खतरे का निशान (Danger Mark) | स्थिति / अंतर (Current Status) |
| राघोपुर | गंगा | 33.50 मीटर | 33.68 मीटर | खतरे के निशान से 18 सेमी नीचे (अत्यंत संकटपूर्ण) |
| इस्माईलपुर – बिंदटोली | गंगा | 32.40 मीटर | 31.60 मीटर | खतरे के निशान से 80 सेमी ऊपर (12 घंटे में +9 सेमी) |
| मदरौनी | कोसी | 31.41 मीटर | 31.48 मीटर | खतरे के निशान से महज 07 सेमी नीचे (12 घंटे में +7 सेमी) |
| जेबी चोरहर | कोसी | 31.52 मीटर | 31.77 मीटर | खतरे के निशान से 25 सेमी नीचे (12 घंटे में +2 सेमी) |
तटबंधों के 'टो' से टकरा रहा पानी, विभाग ने बताया 'नियंत्रण में'
चारों प्रमुख स्थलों पर उफनती नदी का पानी सीधे तटबंधों के निचले आधार (टो) से टकरा रहा है:
- नगरपारा व बागजान जमींदारी बांध पर दबाव: जेबी चोरहर क्षेत्र में कोसी नदी के फैलाव के चलते नगरपारा तटबंध और बागजान जमींदारी बांध के कई संवेदनशील बिंदुओं पर पानी टो को छू रहा है.
- चौबीसों घंटे पेट्रोलिंग: हालांकि जल संसाधन विभाग के अभियंताओं ने सभी तटबंधों को फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित और स्थिति को नियंत्रण में बताया है. तटबंधों पर बालू भरी बोरियां (सैंड बैग्स) और बोल्डर क्रेटिंग के साथ फ्लड फाइटिंग दस्तों को चौबीसों घंटे निगरानी के लिए तैनात कर दिया गया है.
निचले इलाकों में पलायन की आशंका
राघोपुर और इस्माईलपुर के निचले टोलों में बाढ़ का पानी फैलने की आशंका को देखते हुए ग्रामीण सुरक्षित ऊंचे स्थानों की तलाश में जुट गए हैं. यदि जलस्तर में वृद्धि का यही रुख जारी रहा, तो अगले 24 घंटों में दियारा के संपर्क पथ डूब सकते हैं. स्थानीय प्रशासन ने नावों की उपलब्धता और राहत शिविरों के चयन को लेकर तैयारी तेज कर दी है.
