भागलपुर: गंगा-कोसी के तेवर ढीले पर तटबंधों पर अब भी बना है भारी दबाव; राघोपुर में युद्धस्तर पर चल रहे 'फ्लड फाइटिंग' कार्य

भागलपुर में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है, भले ही गंगा और कोसी के जलस्तर में मामूली गिरावट आई हो. राघोपुर में तटबंधों पर भारी दबाव बना हुआ है, जहां 24 घंटे बचाव कार्य जारी हैं. डीएम-एसपी से लेकर मंत्री तक ने संभाली कमान, स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है.

भागलपुर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में रविवार को मामूली गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन तटबंधों पर मंडरा रहा खतरा अभी टला नहीं है. प्रमुख स्थलों पर नदियों का पानी अब भी तटबंध के 'टो' (निचले हिस्से) को छू रहा है. इस्माईलपुर-बिंदटोली, मदरौनी और जेबी चोरहर में जहां स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, वहीं राघोपुर में हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं. राघोपुर में तटबंध की सुरक्षा को लेकर जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है, जहां दिन-रात युद्धस्तर पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य चलाए जा रहे हैं.

राघोपुर में खतरे के निशान के करीब गंगा, 24 घंटे चल रहा रेस्क्यू वर्क

राघोपुर की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन किसी भी प्रकार के जोखिम से बचने के लिए पूरी तरह सतर्क है:

  • जलस्तर की स्थिति: रविवार सुबह छह बजे राघोपुर में गंगा का जलस्तर 33.03 मीटर दर्ज किया गया. पिछले 12 घंटों में हालांकि इसमें तीन सेंटीमीटर की कमी आई है, लेकिन यह अभी भी खतरे के निशान (33.68 मीटर) से महज 65 सेंटीमीटर नीचे बह रही है.
  • मार्जिनल बांध पर दबाव: काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध पर पानी का जबरदस्त दबाव बना हुआ है और जल का बहाव तटबंध के टो को स्पर्श कर रहा है.
  • 24 घंटे फ्लड फाइटिंग: हालात की गंभीरता को भांपते हुए विभागीय मुख्यालय से दो विशेष ठेकेदारों के साथ-साथ कार्यपालक, सहायक और कनीय अभियंताओं की बड़ी फौज को मैदान में उतार दिया गया है, जो चौबीसों घंटे सुरक्षा कार्यों की निगरानी कर रहे हैं.

DM-SP से लेकर मंत्री तक ने संभाली कमान

राघोपुर के संवेदनशील तटबंधों और कटाव स्थलों की मॉनिटरिंग खुद उच्च स्तर पर की जा रही है:

  • शीर्ष नेतृत्व का दौरा: पथ निर्माण मंत्री के साथ जिला के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्वयं पहुंचकर कटाव स्थलों का जायजा लिया.
  • विशेष रणनीति: जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख और मुख्य अभियंता के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर तटबंध को बचाने की पुख्ता रणनीति तैयार की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.

अन्य प्रमुख तटबंधों और जलस्तर की स्थिति

विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति इस प्रकार है:

  • इस्माईलपुर-बिंदटोली: स्पर संख्या-7 पर गंगा का जलस्तर 32.13 मीटर दर्ज किया गया (खतरे का निशान 31.60 मीटर). पिछले 12 घंटे में 2 सेमी की कमी आई है और पानी टो को छू रहा है, हालांकि विभाग ने इसे सुरक्षित बताया है.
  • मदरौनी (कोसी): यहां कोसी नदी का जलस्तर 31.18 मीटर है, जो खतरे के निशान (31.48 मीटर) से 30 सेंटीमीटर नीचे है. पानी टो को छू रहा है, पर स्थिति नियंत्रण में है.
  • जेबी चोरहर: कोसी का जलस्तर 31.25 मीटर दर्ज हुआ (खतरे का निशान 31.77 मीटर). नगरपारा तटबंध और बागजान जमींदारी बांध के विभिन्न बिंदुओं पर पानी का दबाव है, जिसे सुरक्षित बताया गया है.

जलस्तर घटने से राहत, पर सतर्कता सर्वोच्च प्राथमिकता

नदियों के जलस्तर में मामूली गिरावट से प्रशासनिक तंत्र ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन तटबंधों पर लगातार बने पानी के दबाव को देखते हुए किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है. राघोपुर समेत सभी प्रमुख बिंदुओं पर सुरक्षात्मक कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ जारी रखने का निर्देश दिया गया है.


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By Vipin Thakur

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