Bhagalpur news गंगा ब्रिज ने पकड़ी रफ्तार, नये डिजाइन से मिलेगी मजबूती

वर्षों से अधर में लटके सुलतानगंज–अगुवानी फोरलेन गंगा ब्रिज के सुपर स्ट्रक्चर का काम क्षतिग्रस्त होने से बार-बार रुका. इस परियोजना पर अब युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया गया है.

वर्षों से अधर में लटके सुलतानगंज–अगुवानी फोरलेन गंगा ब्रिज के सुपर स्ट्रक्चर का काम क्षतिग्रस्त होने से बार-बार रुका. इस परियोजना पर अब युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया गया है. पुल के टूटे हिस्से का री-कंस्ट्रक्शन हो या सुलतानगंज साइड का एप्रोच पथ हर मोर्चे पर गति साफ नजर आ रही है. गंगा ब्रिज के पाया संख्या 10, 11 और 12 पर फाउंडेशन से जुड़े कार्यों में तेजी आ गयी है. पानी सूखने के बाद केसिंग वर्क और वेल कूप की सरिया कटिंग का काम जारी है. प्रोजेक्ट मैनेजर रविशंकर सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से के लिए सब-स्ट्रक्चर का नया डिजाइन तैयार है. सुपर स्ट्रक्चर का नया डिजाइन शीघ्र मिलने वाला है. नयी तकनीकी डिजाइन से बनने वाला पुल पहले से अधिक मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ होगा. यह प्रारंभिक चरण 40 से 50 दिनों में पूरा हो जायेगा.

दो साल में आवागमन शुरू होने की उम्मीद

निर्माण एजेंसी का दावा है कि यदि कार्य इसी रफ्तार से चलता रहा, तो दो साल में गंगा ब्रिज पर पूर्ण रूप से यातायात शुरू कर दिया जायेगा. हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गयी है. सुलतानगंज साइड में पुल का लगभग चार किलोमीटर लंबा एप्रोच पथ अब तेजी से आकार ले रहा है. एप्रोच पथ के प्रोजेक्ट मैनेजर मृत्युंजय प्रताप राव के अनुसार 4110 मीटर लंबा फोरलेन एप्रोच पथ बनाया जा रहा है. 3.8 किमी हिस्से में मिट्टी भराव दो लेयर में 25 फरवरी तक पूरा होगा. 3800 मीटर में कालीकरण व अलकतरा का कार्य 30 मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है. रेलवे लाइन की ओर 605 मीटर लंबे एप्रोच पथ का निर्माण जारी है. एप्रोच पथ की चौड़ाई 28 मीटर रखी गयी है, जिससे यह पूर्ण रूप से फोरलेन के रूप में विकसित होगा.

मुख्य सचिव की सख्ती से बदली तस्वीर

दिसंबर में बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के निरीक्षण के बाद परियोजना में जान आयी. उन्होंने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिया कि एप्रोच पथ का कार्य 2026 तक, सुपर स्ट्रक्चर का कार्य 2027 तक हर हाल में पूरा किया जाए. हर सप्ताह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मॉनिटरिंग की जा रही है.

11 साल का इंतजार, अब खत्म होने के आसार

इस पुल का शिलान्यास नौ मार्च 2015 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था. 11 वर्षों से उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले इस पुल का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. तीन बड़ी घटनाओं ने परियोजना को गहरा झटका दिया था. इन्हीं हादसों से वर्षों तक निर्माण ठप रहा. पुल के चालू होते ही न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि प्रस्तावित डॉल्फिन पार्क से यह क्षेत्र पर्यटन के नये नक्शे पर उभरेगा. पुल के चालू होते ही न केवल दूरी कम होगी, बल्कि व्यापार, परिवहन और प्रस्तावित डॉल्फिन पार्क से सुलतानगंज को पर्यटन के नक्शे पर नयी पहचान मिलेगी.

सुलतानगंज–अगुवानी गंगा ब्रिज परियोजना

एप्रोच पथ की स्थिति : कुल लंबाई : 4110 मीटर (फोरलेन)मिट्टी भराव : 3.8 किमी, दो लेयर मेंमिट्टी भराव पूरा होने की तिथि : 25 फरवरीकालीकरण/अलकतरा : 3800 मीटरअलकतरा कार्य की समय-सीमा : 30 मई 2026रेलवे साइड एप्रोच पथ : 605 मीटरएप्रोच पथ चौड़ाई : 28 मीटर (फोरलेन)पुल निर्माण अपडेटक्षतिग्रस्त हिस्से का री-कंस्ट्रक्शनसब-स्ट्रक्चर का नया डिजाइन तैयारसुपर स्ट्रक्चर का डिजाइन शीघ्रसंभावित आवागमन शुरुआत : मार्च 2028निर्माण एजेंसी : एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी

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लेखक के बारे में

Author: JITENDRA TOMAR

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