भागलपुर जिले के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक गोपाल मंडल ने अपनी जान को खतरा बताते हुए जिला प्रशासन से अपना लाइसेंसी हथियार तुरंत वापस करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरने के दौरान उनका राइफल और रिवॉल्वर जमा करा लिया गया था, लेकिन चुनाव बीत जाने के काफी समय बाद भी प्रशासन ने इसे अब तक नहीं लौटाया है. इसके साथ ही पूर्व विधायक ने कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़कर अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करने की बात कही है.
सुरक्षा कारणों से हथियार वापसी की गुहार
पूर्व विधायक गोपाल मंडल ने स्पष्ट किया कि वे एक सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति हैं और लगातार अपने क्षेत्र की जनता के बीच उनका आना-जाना लगा रहता है. ऐसे में सुरक्षा के दृष्टिकोण से उन्हें अपने लाइसेंसी हथियार की सख्त जरूरत है. उन्होंने बेबाकी से कहा, "मैं राजनीति करने वाला आदमी हूं, चुपचाप घर में बैठकर राजनीति से दूर नहीं रह सकता." वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है, इसलिए प्रशासन को बिना किसी विलंब के उनका राइफल और रिवॉल्वर वापस कर देना चाहिए.
कांग्रेस के साथ शुरू करेंगे नई राजनीतिक पारी
चुनाव के बाद अब गोपाल मंडल ने अपनी आगे की राजनीतिक दिशा भी साफ कर दी है. उन्होंने देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान किया है. उन्होंने बताया कि वे भविष्य की राजनीति कांग्रेस के झंडे तले ही करेंगे. हाल के दिनों में दिल्ली में कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ उनकी मुलाकात और बातचीत की खबरें भी सामने आई हैं. पूर्व विधायक के इस कदम से गोपालपुर और भागलपुर के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.
महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
हथियार वापसी और अपनी राजनीतिक पारी के साथ-साथ गोपाल मंडल ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि देश की आम जनता बढ़ती महंगाई और अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर पूरी तरह से परेशान हो चुकी है. उन्होंने दावा किया कि लोगों में भारी नाराजगी है और आगामी चुनावों में इसका सीधा असर देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा कि वे सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे और कांग्रेस के साथ मिलकर जनहित के इन मुद्दों को मजबूती से उठाते रहेंगे.
