किसानों की वित्तीय स्थिति में होगा सुधार, पटवन में मिलेगी सुविधा

गंगा जल को लिफ्ट करने की योजना से किसानों की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा.

शुभंकर, सुलतानगंज गंगा जल को लिफ्ट करने की योजना से किसानों की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा. विधायक प्रो ललित नारायण मंडल के सीएम से मांग के बाद गंगा के जल को लिफ्ट करने की योजना को मंजूरी मिली. जलसंसाधन विभाग ने टेंडर निकाल दिया है. विधायक ने बताया कि गंगा जल लिफ्ट कर बडुआ व खड़गपुर जलाशय में ले जाने को लेकर 1 लाख 80 हजार 444 रुपये प्राक्कलित राशि की निविदा निकाली है. 25 फरवरी से छह मार्च तक कागजात डाउनलोड व अपलोड करने की अवधि है. 18 माह में कार्य पूरा होगा. पहले चरण में बांका के बडुआ हनुमना डैम व मुंगेर के खड़गपुर जलाशय में पानी दिया जायेगा. जुलाई से अक्तूबर तक गंगा का पानी इन जलाशयों में पहुंचाया जायेगा. गंगा नदी से सुलतानगंज में पानी निकासी का चैनल बनेगा. 55 मिलियन घनमीटर पानी को 31.81 किलोमीटर लंबे चैनल से मुंगेर जिले के तारापुर प्रखंड में विहमा गांव तक पहुंचाया जायेगा. यहां से रेगुलेटर से चैनल को दो भागों में विभक्त किया जायेगा, जिससे सुलतानगंज दक्षिणी क्षेत्र सहित कई गांव के किसान को सिंचाई में सुविधा होगी. सुलतानगंज, तारापुर, अमरपुर, बेलहर विधानसभा को लाभ पहुंचेगा. कई गांवों में पेयजल सहित सिंचाई की समस्या का समाधान होगा. विधायक ने पूर्व में इस संबंध में विधानसभा में मामला उठाया था. गंगा नदी के अधिशेष जल को लिफ्ट कर बडुआ व खड़गपुर जलाशय में अंतरण कार्य की योजना के कार्यान्वयन को लेकर कार्य तेज कर दिया गया है. विधायक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को साधुवाद दिया है.

सुखाड़ के समय पटवन में होगी सुविधा होगी :

सुलतानगंज से गंगा जल को लिफ्ट कर बांका जिले के हनुमना डैम व खड़गपुर जलाशय में संचित करने से सुखाड़ के समय में खडगपुर, तारापुर, बेलहर, अमरपुर, सुलतानगंज, जमालपुर विधानसभा क्षेत्र के लाखों किसानों को पटवन में सुविधा होगी. किसानों की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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