Bhagalpur news अखंड सौभाग्य की कामना का पर्व वट सावित्री कल

वट सावित्री पर्व को लेकर गुरुवार को बाजार में सुहागिन महिलाओं ने जमकर खरीदारी की.

वट सावित्री पर्व को लेकर गुरुवार को बाजार में सुहागिन महिलाओं ने जमकर खरीदारी की. सुलतानगंज, अकबरनगर समेत आसपास के बाजारों में पूजन सामग्री की दुकानों पर दिनभर खरीदारी का दौर चलता रहा. महिलाओं ने पूजा के लिए बांस का पंखा, आम, लीची, सिंदूर, सूत, फल, मिठाई, शृंगार सामग्री और व्रत में उपयोग होने वाली अन्य वस्तुओं की खरीदारी की. बांस से बने पारंपरिक पंखों की मांग सबसे अधिक रही. वट सावित्री पूजा को लेकर चौक बाजार, स्टेशन रोड, अकबरनगर बाजार और ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों में महिलाओं की भीड़ रही. कई महिलाओं ने परिवार के साथ बाजार पहुंच कर खरीदारी की. दुकानदारों ने बताया कि पूजा के लिए विशेष रूप से फल, लाल चुनरी, कच्चा सूत, मिट्टी के दीप, पान-सुपारी और पारंपरिक सामग्री की मांग अधिक है. वट वृक्ष की पूजा का है विशेष महत्व पंडित शालीग्राम झा ने बताया कि वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है. धार्मिक मान्यता के अनुसार पतिव्रता सावित्री ने अपनी अटूट निष्ठा और तप से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त की थी. ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही यमराज ने सत्यवान को पुनर्जीवन दिया था, इसलिए इस दिन वट सावित्री पर्व मनाया जाता है. वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है. महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर उसकी परिक्रमा करती हैं और सूत बांधकर पति की लंबी आयु व अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं. शनिवार को सुबह से वट वृक्ष के नीचे पूजा-अर्चना और व्रत अनुष्ठान होगा.

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Author: JITENDRA TOMAR

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