bhagalpur news. विक्रमशिला सेतु पर अस्थायी रास्ते की संभावना की तलाश, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन की टीम कर रही तकनीकी जांच

विक्रमशिला सेतु से आवागमन के लिए अस्थायी मार्ग तैयार किये जाने की संभावना है.

विक्रमशिला सेतु से आवागमन के लिए अस्थायी मार्ग तैयार किये जाने की संभावना है. मंगलवार को बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की टीम भागलपुर पहुंची और इंजीनियरों के साथ सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का गहन निरीक्षण किया. टीम ने मौके पर मापी भी करायी, जिससे स्थिति का तकनीकी आकलन किया जा सके. निरीक्षण के दौरान यह संकेत मिले हैं कि जिस तरह सेना दुर्गम और आपदा प्रभावित इलाकों में अस्थायी पुल और वैकल्पिक रास्ते तैयार करती है, उसी तर्ज पर विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर भी अस्थायी मार्ग बनाया जा सकता है. अगर यह योजना लागू होती है तो उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवाजाही काफी हद तक बहाल हो सकती है. इस पुल के माध्यम से खगड़िया, सहरसा, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार और बांका जैसे जिलों के अलावा झारखंड के कई क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. एनएच (साउथ) विंग बिहार के चीफ इंजीनियर संजय भारती ने बताया कि बीआरओ की टीम मौके पर पहुंचकर विस्तृत जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों के भीतर यह निर्णय लिया जायेगा कि क्षतिग्रस्त हिस्से में अस्थायी व्यवस्था संभव है या नहीं. यदि तकनीकी रूप से अनुमति मिलती है तो आगे की प्रक्रिया अपनायी जा सकती है. बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन क्या है? बॉर्डर रोड ऑगनाइजेशन भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एक प्रमुख निर्माण एजेंसी है, जो मुख्य रूप से देश की सीमाओं और दुर्गम इलाकों में सड़क, पुल और बुनियादी ढांचे का निर्माण और रखरखाव करती है. मुख्य काम क्या हैं? -सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क बनाना -दुर्गम पहाड़ी और रेगिस्तानी इलाकों में कनेक्टिविटी तैयार करना. -मिलिट्री जरूरतों के लिए सड़क और पुल विकसित करना. -आपदा या युद्ध जैसी परिस्थितियों में तेजी से रास्ते बहाल करना.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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