Bhagalpur news जहांगीरपुर बैसी पहुंचे जल संसाधन विभाग के इंजीनियर

जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता कटाव का जायजा लेने पहुंचे जहांगीर वैसी

नवगछिया जहांगीरपुर वैसी पहुंचे जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता(एसई) शैलेश कुमार, (इइ) गौतम कुमार, सहायक अभियंता विनीत कुमार. अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता ने कटाव निरोधी कार्य में हो रहे कटाव का जायजा लिया. प्रभात खबर ने जहांगीरपुर बैसी में हो रहे कटाव की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. अखबार में छपी खबर को पढ़ते ही जल संसाधन विभाग के पदाधिकारी कटाव निरोधी कार्य का जायजा लेने पहुंचे. गांव के माे इश्तेखार ने बताया कि 21 दिसंबर जीओ बेग के स्लोप में दरार शुरू हो गयी थी. जल संसाधन विभाग के अभियंता को जानकारी दी गयी थी. जेई गांव पहुंच कर जायजा लिया, लेकिन इस दिशा में कोई कार्य नहीं हो रहा है. दरार बढ़ता ही जा रहा है. शीघ्र ही कटाव निरोधी कार्य आरंभ नहीं हुआ, तो कटाव निरोधी कार्य कोसी नदी में समा जायेगा. कटाव निरोधी कटने के पश्चात गांव भी नहीं बचेगा. पूर्व सरपंच माे गफ्फार ने बताया कि यदि शीघ्र ही एंटी रोजन कार्य नहीं किया गया, तो पूरे गांव के अस्तित्व पर खतरा हो जायेगा. वर्ष 2020 कोसी नदी के भीषण कटाव से 100 परिवाराें का घर कोसी नदी में विलीन हो गया था. पीड़ित परिवार को मुआवजा भी दिया गया था. कटाव रोकने के लिए जल संसाधन विभाग के कटाव निरोधी कार्य साढ़े तीन करोड़ रूपये की लागत से किया गया था. कराये गये कटाव निरोधी कार्य कोसी नदी में समा जायेगा. गांव के लोग कोसी नदी के कटाव के भय से रात्रि में सोते नहीं है. जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि कटाव तो नहीं हो रहा है. कटाव रोधी कार्य में धसान हो रहा है. गांव से बारिश का पानी, चापाकल का पानी कटाव निरोधी कार्य के उपर से बह रहा है. जनप्रतिनिधियों से कहा गया हैं कि कोई भी पानी कटाव निरोधी कार्य के अंदर या उपर से नहीं बहे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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