शहर में निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को निर्धारित समय सीमा में चालू करने के लिए पंपिंग स्टेशनों के निर्माण कार्य में तेजी लायी गयी है. विभाग का कहना है कि पंपिंग स्टेशनों के बिना एसटीपी का संचालन पूरी तरह संभव नहीं है, इसलिए लंबित कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है. परियोजना के तहत कुल 10 पंपिंग स्टेशन बनाये जाने हैं. इनमें से अब तक पांच स्टेशन तैयार हो चुके हैं, जबकि शेष पांच पर निर्माण कार्य जारी है. गंगा किनारे स्थित पंपिंग स्टेशन के निर्माण के लिए गुरुवार को बुडको की एजेंसी ने बड़ी संख्या में मजदूरों और जेसीबी मशीनों को लगा कर कार्य में तेजी दिखायी. बाधित कार्य फिर शुरू पंपिंग स्टेशन नंबर-6 का निर्माण कार्य पत्थर निकल आने के कारण बाधित हो गया था, जिसे अब फिर से शुरू कर दिया गया है. वहीं पंपिंग स्टेशन नंबर-8 का कार्य अंतिम चरण में बताया जा रहा है. विभागीय अधिकारियों का दावा है कि मार्च तक सभी शेष पंपिंग स्टेशन हर हाल में तैयार कर लिए जायेंगे. बताया गया कि वन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण कुछ कार्य अटका हुआ था. आवश्यक क्लियरेंस राशि जमा होने के बाद निर्माण को दोबारा गति मिली है. 350 करोड़ की परियोजना, 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 45 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है. कार्य प्रगति के आधार पर बुडको द्वारा एजेंसी को अब तक लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है. परियोजना में धन की कमी कभी नहीं रही, बल्कि निर्माण की धीमी रफ्तार के कारण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका. अब डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए काम में तेजी लायी गयी है.
bhagalpur news. डेडलाइन से पहले एसटीपी चालू करने की कोशिश तेज

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शहर में निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को निर्धारित समय सीमा में चालू करने के लिए पंपिंग स्टेशनों के निर्माण कार्य में तेजी लायी गयी है.